
कोंडागांव न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में वन्यजीव मानव संघर्ष का एक और मामला सामने आया है। फरसगांव के सिदावण्ड जंगल में मशरूम (स्थानीय नाम “फुटु”) बीनने गया एक युवक भालू के हमले का शिकार हो गया। घटना में युवक को गले और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
अचानक हमला, बाल-बाल बची जान
मिली जानकारी के अनुसार, युवक जंगल में अकेले मशरूम बीनने गया था, तभी अचानक एक जंगली भालू उसके सामने आ गया। भालू ने युवक पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवक ने किसी तरह जान बचाकर खुद को वहां से निकाला और खून से लथपथ हालत में अपने घर पहुंचा। परिजनों ने तत्काल उसे केशकाल अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
वन विभाग सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और घायल युवक की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सिदावण्ड क्षेत्र के जंगल में भालू की गतिविधियों की निगरानी के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
इधर कांकेर में तेंदुए की दस्तक, बछड़े को बनाया शिकार
कांकेर न्यूज धमाका
राज्य के कांकेर जिले में भी वन्यजीवों की आमद से नागरिक दहशत में हैं। इमली पारा क्षेत्र में सोमवार रात एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में घुस आया और एक बछड़े को शिकार बना लिया। यह घटना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास की है, जहां लोगों ने तेंदुए को देखा और तुरंत वन विभाग को सूचित किया। वाहन की लाइट पड़ते ही तेंदुआ दीवार फांदकर भाग गया।
दहशत में स्थानीय लोग
तेंदुए की मौजूदगी की खबर फैलते ही इमली पारा और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। लोग रातभर घरों में दुबके रहे। वन विभाग ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और तेंदुए की तलाश जारी है।
वन्यजीव संघर्ष बढ़ा रहा चिंता
लगातार सामने आ रहे भालू, तेंदुआ और अन्य जंगली जानवरों के हमले राज्य में वन्यजीव और मानव के बीच संघर्ष की गंभीरता को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में घटते भोजन और पानी के स्रोत वन्यजीवों को मानव बस्तियों की ओर धकेल रहे हैं। ऐसे में वन विभाग के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
