बस्तरछत्तीसगढ

साल वृक्ष बस्तर वासियों के लिए कल्पवृक्ष के समान है……

बस्तर,न्यूज़ धमाका :- बस्तर को साल वनों का द्वीप कहा जाता है। यह प्रदेश का राजकीय वृक्ष है तथा बस्तर वासियों के लिए कल्पवृक्ष के समान है। साल का यह वृक्ष अपनी मजबूती के लिए प्रसिद्ध है, जो धूप, पानी जैसी मौसमी संकटों का सामना आसानी से कर लेता है। इसकी इन्हीं खुबियों के कारण रेल की पटरी बनाने में इसका उपयोग किया जाता था। बस्तर में साल सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

बस्तर में बसने वाली विभिन्न समुदायों द्वारा अपने महत्पवूर्ण संस्कारों में इसका उपयोग अनिवार्य तौर पर किया जाता है। इसकी पत्तियों का उपयोग दोना-पत्तल बनाने के लिए किया जाता है, वहीं इसकी छाल से निकलने वाले सूखे लस्से को धूप कहा जाता है। धूप को अंगार में डालने पर बहुत ही अच्छी सुगंध आने के कारण इसका उपयोग पूजा-पाठ के दौरान किया जाता है।

इसके साथ ही मच्छर एवं अन्य कीट-पतंगों को दूर भगाने के लिए भी धूप का उपयोग किया जाता है। साल वनों में इनके पत्ते के झड़ने के बाद मानसून की शुरुआत में निकलने वाली फफुंद को कहा जाता है, जिसकी सब्जी बनती है। अपने विशिष्ट स्वाद के कारण बोड़ा बहुत प्रसिद्ध है तथा यह बहुत ही महंगी सब्जियों में शामिल है।

साल के बीज एवं उससे निकलने वाले तेल का उपयोग भी सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री बनाने में किया जाता है, जिससे यहां के लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। साल वनों में कोसा कीट पनपती हैं। इनके द्वारा बनाए गए कोकून से रैली कोसा का धागा प्राप्त किया जाता है। रैली कोसा के धागे से बने वस्त्र भी काफी कीमती होते हैं।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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