
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर रानी दुर्गावती माता लोक कल्याण समिति ने हरिभूमि जिला कार्यालय पहुच कर ब्यूरो चीफ जमील खान का बुके देकर सम्मान किया। इस मौके पर राष्ट्रीय प्रेस दिवस को बधाई देते हुए संस्था के अध्यक्ष रितेश कोर्राम ने कहा कि हरिभूमि की निष्पक्ष खबरें बेहद सटीक और असरदार होती है। खबरों का कलेवर और भरोसेंमंद खबरें सभी को प्रभावित करतीं है। असरदार खबरों की दम पर हरिभूमि प्रदेष में नम्बर बना हुआ है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। समाज, राजनीति, कार्यपालिका पर नजर रख कर सही गलत कार्यों को एक आईन की तरह जनता के सामने रखते है। जिससे समाज को सही दिषा मिलती है। हम प्रदेष सरकार से अनुरोध करते हैं कि पत्रकारों के हित की योजनायें बना कर उनको यथा योग्य सहारा दिया जाये। जिससे वे निष्ंिचत हो कर सत्यता की कसौटी पर अपना कार्य करते रहे। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष रीतेष कोर्राम , उपाध्याय श्रवण कुमार निषाद , सचिव रोशन धु्रव , संयुक्त सचिव राधे कृष्ण मरकाम , घनश्याम पटेल , संजय मानिकपुरी एवं अन्य उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर रानी दुर्गावती माता लोक कल्याण समिति ने किया पत्रकारों का सम्मान
रानी दुर्गावती माता लोक कल्याण समिति ने हरिभूमि के जिला कार्यालय पहुच कर ब्यूरो चीफ जमील खान का किया सम्मान
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर रानी दुर्गावती माता लोक कल्याण समिति ने हरिभूमि जिला कार्यालय पहुच कर ब्यूरो चीफ जमील खान का बुके देकर सम्मान किया। इस मौके पर राष्ट्रीय प्रेस दिवस को बधाई देते हुए संस्था के अध्यक्ष रितेश कोर्राम ने कहा कि हरिभूमि की निष्पक्ष खबरें बेहद सटीक और असरदार होती है। खबरों का कलेवर और भरोसेंमंद खबरें सभी को प्रभावित करतीं है। असरदार खबरों की दम पर हरिभूमि प्रदेष में नम्बर बना हुआ है। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। समाज, राजनीति, कार्यपालिका पर नजर रख कर सही गलत कार्यों को एक आईन की तरह जनता के सामने रखते है। जिससे समाज को सही दिषा मिलती है। हम प्रदेष सरकार से अनुरोध करते हैं कि पत्रकारों के हित की योजनायें बना कर उनको यथा योग्य सहारा दिया जाये। जिससे वे निष्ंिचत हो कर सत्यता की कसौटी पर अपना कार्य करते रहे। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष रीतेष कोर्राम , उपाध्याय श्रवण कुमार निषाद , सचिव रोशन धु्रव , संयुक्त सचिव राधे कृष्ण मरकाम , घनश्याम पटेल , संजय मानिकपुरी एवं अन्य उपस्थित रहे।
