
नई दिल्ली न्यूज़ धमाका /// मोदी सरकार के कृषि कानूनों को ख़त्म करने के बाद से किसान आंदोलन की एकता पर सवाल उठने लगे है। इसी बीच किसान नेता दर्शन पाल के बयान से इस अटकल को और बल मिला है। दरअसल दर्शन पाल ने भारतीय किसान संघ के नेता राकेश टिकैत को जिम्मेदारी से बयान देने की सलाह दी थी।
दर्शन पाल सिंह ने कहा, राकेश टिकैत को जिम्मेदारी से बयान देने की जरूरत है, ताकि आंदोलन में एकता बनी रहे। पाल सिंह ने कहा, संयुक्त किसान मोर्चा के लिए सबसे अहम मुद्दा किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे आंदोलन खत्म होने से पहले वापस लेना है। पाल सिंह ने कहा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी आज किसानों के साथ बैठक की है। किसान नेता पाल ने कहा कि सरकार को कमेटी बनाने में भी पारदर्शिता रखनी होगी।
पाल ने कहा, हम केंद्र को भेजे जाने वाले 5 नामों पर सहमति बना रहे हैं। 4 दिसंबर तक नामों पर फैसला हो जाएगा। संयुक्त मोर्चे में मतभेद के बारे में दर्शन पाल ने कहा, समय आ गया है कि किसान नेताओं को अपने मतभेदों को खत्म करने की जरूरत है।
किसान नेताओं को एक बयान देना चाहिए। साथ ही किसान नेताओं को इस मुद्दे पर एकतरफा बयान नहीं देना चाहिए। पिछले कई दिनों से यूनाइटेड फ्रंट में मतभेद की खबरें निकलकर सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि कुछ नेता पिछले दरवाजे से सरकार से बात कर रहे हैं। इन नेताओं को राकेश टिकैत ने मंगलवार को चेतावनी भी दी थी। टिकैत ने कहा था, किसान नेता जो पहले घर जाएगा, वह पहले जेल जाएगा।




