
22 जुलाई 2026 //
नई दिल्ली न्यूज़ धमाका – NEET पेपर लीक के विरोध में 19 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल में मुलाकात की। दोनों ने उनका स्वास्थ्य जाना, अनशन खत्म करने की अपील की और जल्द बातचीत के संकेत दिए।
देशभर में NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बातचीत की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक से मुलाकात की।

दोनों मंत्रियों ने वांगचुक का हालचाल जाना, डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और इलाज की प्रगति पर चर्चा की। राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की संभावित शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। फोटो बना दीजिये
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर मेदांता अस्पताल में कराया गया भर्ती
लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने बेहतर इलाज की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार को वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद हाई कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार शाम कड़ी सुरक्षा और मेडिकल टीम की निगरानी में उन्हें एम्बुलेंस से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लाया गया। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी और उपचार कर रही है।
NEET पेपर लीक के विरोध में 19 दिनों से अनशन
सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका आंदोलन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चल रहा है।
इस आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सहित बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल है।
मंत्रियों ने अनशन समाप्त करने की अपील की
मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर असर पड़ा है और उन्हें चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा गया है।
मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। साथ ही सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि छात्रों की चिंताओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच जल्द हो सकती है औपचारिक बातचीत
केंद्रीय मंत्रियों की इस मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों के बीच जल्द औपचारिक वार्ता शुरू हो सकती है। यदि बातचीत सकारात्मक रही तो जंतर-मंतर पर जारी लंबा आंदोलन समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकता है।