
20 जुलाई 2026 //
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती प्रसिद्ध सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कुछ शर्तों के साथ अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का एलान कर दिया है। उन्होंने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं और कहा है कि इनमें से किसी एक भी शर्त के पूरे होने पर वह अपना अनशन तुरंत वापस ले लेंगे।
सफदरजंग अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। वांगचुक का कहना है कि उन्हें अस्पताल परिसर के भीतर पूरी तरह अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाजाही, सार्वजनिक रूप से बोलने और लोगों से संवाद करने की मौलिक आजादी पर कई तरह की सख्त पाबंदियां थोप दी गई हैं। अस्पताल के भीतर उनके अधिकारों को पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के बाद उन्होंने अपनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अनशन खत्म करने की तीन शर्तें
वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की, लेकिन इसके लिए उन्होंने तीन कड़े विकल्प रखे हैं। उनकी पहली मांग है कि केंद्र सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था में हाल ही में हुई बड़ी नाकामियों और देशव्यापी पेपर लीक जैसी घटनाओं की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करे। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है, तो उनके दूसरे विकल्प के तहत उन्हें या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शीर्ष लीडरशिप को सीधे संसद तक जाने की अनुमति दी जाए
सांसदों से मांगा लिखित भरोसा
अपनी सेहत और पाबंदियों का हवाला देते हुए वांगचुक ने तीसरा विकल्प भी पेश किया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी खराब होती सेहत या प्रशासनिक बाधाओं के कारण उनका खुद संसद तक पहुंचना मुमकिन न हो, तो देश की अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के सांसद और वरिष्ठ नेता खुद सफदरजंग अस्पताल आएं। वे यहां आकर उन्हें यह पुख्ता भरोसा दिलाएं कि वे संसद के भीतर पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन तमाम ज्वलंत मुद्दों को मुस्तैदी से उठाएंगे। इन तीनों में से किसी भी एक बात पर सहमति बनते ही वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।
