
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई अंचल में पुलिस ने प्रतिबंधित हुक्का सामग्रियों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डेली नीड्स और पान दुकानों की आड़ में युवाओं को हुक्का और फ्लेवर युक्त नशीले पदार्थ बेचे जा रहे थे। दुर्ग पुलिस ने 7 अलग-अलग दुकानों पर एक साथ दबिश देते हुए भारी मात्रा में हुक्का पॉट, फ्लेवर, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और अन्य नशीली वस्तुएं जब्त की हैं।
SSP के आदेश पर चला विशेष अभियान
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने सभी थाना प्रभारियों और सीएसपी को निर्देशित किया था कि वे प्रतिबंधित नशे के सामान बेचने वालों पर सघन जांच और कार्रवाई करें। इसके बाद जिले में कोटपा एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत इन दुकानों पर छापे मारे गए।
जप्त सामग्री और आरोपी दुकानदारों की सूची:
- एसएसडी डेली नीड्स (स्टेशन रोड, मोहन नगर थाना क्षेत्र)
- संचालक: रोहित जसवानी, उम्र 34, सिंधी कॉलोनी, दुर्ग
- जब्त सामग्री: इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, हुक्का पॉट्स, नशीले फ्लेवर
- कुल अनुमानित कीमत: ₹3.52 लाख
- गुलेरी पान सेंटर (सिविक सेंटर, भिलाई नगर थाना क्षेत्र)
- संचालक: अंकित उपाध्याय, मैत्रीकुंज रिसाली नेवई
- जब्त सामग्री: हुक्का फ्लेवर, तंबाकू
- प्यूमेल डेली नीड्स (नेहरू नगर, सुपेला थाना क्षेत्र)
- संचालक: हरिश तलरेजा
- वंश पान पैलेस (स्मृतिनगर)
- संचालक: कैलाश धनकुटे, उम्र 43, मॉडल टाउन
- कैलाश डेली नीड्स (कोहका, सुपेला)
- संचालक: कैलाश बिसाई, उम्र 27
- कादम्बरी नगर, दुर्ग
- संचालक: लक्की चंदानी, उम्र 42
- जुनवानी, स्मृतिनगर
- संचालक: लक्ष्मीकांत दुबे, उम्र 53
गंभीर आरोप, पुलिस ने दर्ज किए केस
इन सभी दुकानदारों के खिलाफ कोटपा अधिनियम (COTPA) और संबंधित धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इन दुकानों के ज़रिए नाबालिगों और युवाओं को नियमित रूप से नशीले उत्पाद बेचे जा रहे थे।
पुलिस की सख्त चेतावनी
एसएसपी विजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि “छत्तीसगढ़ में हुक्का और फ्लेवर तंबाकू पर प्रतिबंध है। जो भी दुकानदार चोरी-छिपे इस तरह के उत्पाद बेचेंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
नशे के खिलाफ मुहिम
यह कार्रवाई राज्य में नशे के बढ़ते चलन को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगातार बढ़ रही हुक्का कैफे और डेली नीड्स की संख्या ने पुलिस प्रशासन के लिए चिंता बढ़ा दी थी।



