
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले महीने की गई जीएसटी छापेमारी की जांच अब लगभग पूरी हो चुकी है। प्रदेश की वाणिज्यिक कर (GST) टीम ने 22 प्रतिष्ठानों पर छापे मारकर जो दस्तावेज जब्त किए थे, उनमें से कई में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के प्रमाण मिले हैं। अब विभाग इन कारोबारियों पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है।
गुटखा फैक्ट्री भी जांच के घेरे में
इस छापेमारी में रायपुर से सटे इलाके में संचालित एक बड़ी गुटखा फैक्ट्री भी शामिल थी। सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री से भारी मात्रा में बिना बिल के कच्चा माल, तैयार उत्पाद और लेन-देन के फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए थे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ही 5 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा हो चुका है, जबकि अंतिम रिपोर्ट आने पर यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।
एक-एक दस्तावेज की हुई गहन जांच
जीएसटी विभाग की विशेष टीम ने हर प्रतिष्ठान के दस्तावेज, बैंक लेन-देन, इनवॉइस, गोदाम रजिस्टर और स्टॉक डिटेल्स की बारीकी से जांच की। कई प्रतिष्ठान ऐसे पाए गए जिन्होंने जानबूझकर बिक्री को छिपाया, नकद लेन-देन किया या इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत उपयोग किया।
राज्य बना टॉप जीएसटी योगदानकर्ता
छत्तीसगढ़ सरकार का यह सख्त रुख तब सामने आया है जब प्रदेश ने पिछले तिमाही में देश के टॉप जीएसटी योगदानकर्ताओं में जगह बनाई थी। वाणिज्यिक कर विभाग ने सभी व्यापारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना टैक्स चुकाए अब व्यापार करना संभव नहीं होगा।
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि “टैक्स अनुपालन को लेकर हम बिल्कुल भी समझौता नहीं करेंगे। जिन संस्थानों में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें नियमानुसार दंडित किया जाएगा।”
व्यापारियों को दी गई सख्त चेतावनी
राज्य के व्यापारिक संगठनों को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है कि वे अपने सदस्यों को टैक्स नियमों का पालन करने हेतु प्रोत्साहित करें। साथ ही विभाग ने व्यापारियों से अपील की है कि लंबित टैक्स तुरंत अदा करें, अन्यथा अगली कार्रवाई और भी कठोर हो सकती है।



