
बिलासपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
कोर्ट का निर्णय
जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई में अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता और व्यापक प्रभाव को देखते हुए अभी जमानत नहीं दी जा सकती।
क्या कहा था लखमा की याचिका में?
लखमा की ओर से दायर याचिका में तर्क दिया गया था कि:
- मामला 2024 में दर्ज हुआ, लेकिन डेढ़ साल बाद गिरफ्तारी हुई।
- गिरफ्तारी केवल बयानों के आधार पर हुई है, जबकि कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है।
हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
घोटाले में लखमा पर क्या आरोप हैं?
ईडी की जांच में सामने आया है कि कवासी लखमा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ मिलकर शराब घोटाले को संरक्षण दिया।
ईडी का दावा है कि लखमा को इस घोटाले से करीब 64 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ हुआ।
अब तक इस मामले में:
- चार अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं।
- 13 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
- और जांच जारी है।
21 जनवरी से जेल में हैं लखमा
ईडी ने 15 जनवरी को लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे दो बार पूछताछ हो चुकी थी।
21 जनवरी से वह न्यायिक हिरासत में हैं। पिछली पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी।
क्या है शराब घोटाला मामला?
यह मामला 2022 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दाखिल एक याचिका से शुरू हुआ। इसमें आरोप था कि छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और भ्रष्टाचार हो रहा है।
ईडी की जांच में सामने आया:
- 2161 करोड़ से अधिक का मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप।
- 3200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला।
- सिंडिकेट में राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी लोगों की मिलीभगत।
चार्जशीट में शामिल बड़े नाम
30 जून तक की चार्जशीट में जिनके नाम शामिल हैं:
- कवासी लखमा (पूर्व मंत्री)
- अनवर ढेबर (रायपुर महापौर का भाई)
- अनिल टुटेजा (पूर्व IAS)
- यश टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लों
- CSMCL के पूर्व अधिकारी, कई डिस्टिलरी कंपनियां और व्यापारिक संस्थान
क्या आगे होगा?
हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब लखमा को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है।
वहीं, ईडी की जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई लगातार जारी है और इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।



