हेल्थ

बच्चों की हाइट बढ़ाने के लिए कारगर योगासन, तेज दिमाग के लिए स्वामी रामदेव से जानिए उपाय

अगर बचपन से ही योग अपना लिया जाए तो कम से कम पांच इंच लंबाई तो आसानी से बढ़ाया जा सकता है- ये कहना है स्वामी रामदेव का। कैसे लंबाई बढ़ेगी, कैसे बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। जानिए।

दरअसल, बच्चों का बढ़ता कद सिर्फ उनके कॉन्फिडेंस को नहीं तय करता, बल्कि उनकी बॉडी को मिलने वाले न्यूट्रिशंस के बारे में भी हमें बताता है। न्यूट्रिशन कम होगा तो लंबाई भी कम होगी। हाइट का रिलेशन जींस और ग्रोथ हार्मोन्स से भी होता है। साथ ही नींद, स्ट्रेस, इम्युनिटी और पॉश्चर भी हाइट की डिसाइडिंग फैक्टर हैं। यानि इनमें से किसी एक चीज का इम्बैलेंस भी आपके बच्चे की बढ़ती लंबाई को रोक सकता है। कई करियर ऑप्शन जैसे डिफेंस और पुलिस सर्विसेज के लिए अच्छी लंबाई का होना बहुत जरूरी है, लेकिन सिर्फ हाइट ही नहीं, बच्चे का ब्रेन शार्प हो। कंसंट्रेशन बहुत अच्छा हो, क्योंकि बढ़ते कॉम्पिटीशन के दौर में बच्चे का ऑलराउंड विकास होना बहुत जरूरी है। ये सब कुछ मुमकिन है, बस आपको योग करना है। अगर बचपन से ही योग अपना लिया जाए तो कम से कम पांच इंच लंबाई तो आसानी से बढ़ाया जा सकता है- ये कहना है स्वामी रामदेव का। कैसे लंबाई बढ़ेगी, कैसे बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। जानिए। हमारा देश खूब तरक्की कर रहा है। टेक्नोलॉजी, हेल्थ, एजुकेशन.. भारतीय हर रोज नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, लेकिन एक चीज ऐसी है, जिसमें हम दुनिया के बहुत से देशों से काफी पीछे हैं और वो है- हम भारतीयों की एवरेज हाइट। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एवरेज इंडियन की हाइट दुनिया के लोगों के मुकाबले काफी कम है। भारत में जहां पुरुषों की एवरेज हाइट 5.5 है। वहीं, अमेरिका में यही 5 फीट 9 इंच है। ऑस्ट्रेलिया में एवरेज हाइट 5 फीट 11 इंच है, जबकि यूके की बात करें तो यहां पर भी एवरेज हाइट 5 फीट 10 इंच है। 

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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