
कोरबा न्यूज़ धमाका /// ऊर्जानगर गेवरा निवासी रविंद्र सिंह एक निजी कंपनी में एडमिन ऑफिसर है, जिन्हाेंने यह शिकायत की है। उनके मुताबिक वे परिवार के साथ 2 अक्टूबर काे कार लेकर गेवरा के बुधवारी मार्केट जा रहे थे। इस दाैरान रास्ते में बाइक सवार एक व्यक्ति कार के पिछले चक्के से टकरा गया। उसने हेलमेट पहना था, तो उसे चाेट नहीं लगी। लाेगाें के बाइक चालक की गलती बताने पर रविंद्र वहां से कार लेकर चले गए, लेकिन 4 दिन बाद रविंद्र के घर दीपका थाना से पुलिस टीम पहुंची, जिन्होंने कार लेकर थाना आने कहा।थाना पहुंचने पर वहां माैजूद प्रधान आरक्षक संजय यादव ने उनके खिलाफ 2 अक्टूबर काे एक्सीडेंट करने का केस हाेना बताया। थाना में ही बाइक चालक अपनी पत्नी व बेटा के साथ बैठा था,
जिनके कहने पर पुलिस ने झूठा मामला बनाया। रविंद्र के घटना के बारे में सही जानकारी देने पर भी प्रधान आरक्षक संजय यादव ने नहीं सुनी। एफआईआर हाेने की बात कहकर कार की जब्ती बना ली। रविंद्र ने पूछा कि वाहन न्यायालय कब भेजा जाएगा, ताे संजय यादव ने कहा कई हफ्ते लग जाते हैं।फिर 15 हजार देने पर काम जल्द निपटाने की बात कही। झूठा मामला बनाने और मामला न्यायालय में भेजने पैसा मांगने पर परेशान हाेकर रविंद्र सिंह ने थाना में प्रधान आरक्षक संजय से पूरी बातचीत की रिकार्डिंग कर वीडियाे बना लिया। इसके बाद एसपी भाेजराम पटेल से सबूत के साथ शिकायत की है। अधिकारियाें के मुताबिक उक्त लिखित शिकायत पर जांच चल रही है।एसपी सोशल पुलिसिंग पर जाेर दे रहे हैं। वे थानाें में पहुंचने वालाें की मदद करने और पुलिस की छवि सुधारने की नसीहत दे रहे हैं। पर दूसरी तरफ पुलिस वसूली में लगे हैं, जिनपर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हाेने से हाैसले बुलंद है। छाेटे-छाेटे मामलाें में थानाें में रकम की मांग से लाेग परेशान है, लेकिन पुलिस अधिकारियाें-कर्मचारियाें के खिलाफ शिकायत से घबराते हैं।


