
16 जुलाई 2026 //
केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश कैडर के अधिकारियों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी तनुश्री का तबादला जम्मू-कश्मीर से दिल्ली कर दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश के बाद अब तनुश्री दिल्ली में अपनी सेवाएं देंगी और उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इससे पहले IPS अधिकारी तनुश्री जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में SSP की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वह आतंकवाद विरोधी अभियानों को लेकर चर्चा में आई थीं। पुलवामा जैसे संवेदनशील जिले में कानून-व्यवस्था संभालने और सुरक्षा अभियानों की निगरानी के कारण उनकी पहचान एक सक्रिय पुलिस अधिकारी के रूप में बनी। अब कैडर के तहत उनके जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तबादले की खबर सामने आने के बाद वह एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
बिहार के मोतिहारी से ताल्लुक रखती हैं IPS तनुश्री
IPS अधिकारी तनुश्री का जन्म 24 अप्रैल 1987 को बिहार के मोतिहारी में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से हुई। इसके बाद उन्होंने बोकारो के DAV पब्लिक स्कूल से 12वीं की शिक्षा पूरी की। 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए तनुश्री दिल्ली आ गईं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से इतिहास (ऑनर्स) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही उनका रुझान सिविल सेवा की ओर बढ़ा और उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने सिविल सेवा में सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित हुईं। इसके बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों के कारण पहचान बनाई।
पहले बनीं CRPF अधिकारी, फिर UPSC क्रैक कर बनीं IPS
IPS अधिकारी तनुश्री की सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायक मानी जाती है। उनकी प्रशासनिक यात्रा की शुरुआत साल 2014 में हुई, जब वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयनित हुईं। CRPF में नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। कड़ी मेहनत और लगन के बाद उन्होंने साल 2016 में पहली ही कोशिश में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। इस परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 652 हासिल की। UPSC में सफलता के बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ और उन्हें 2017 बैच में AGMUT कैडर आवंटित किया गया
जम्मू-कश्मीर में संभाली कई अहम जिम्मेदारियां
IPS अधिकारी तनुश्री की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में की गई। यहां उन्होंने स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्हें शोपियां जिले में तैनात किया गया, जहां उन्हें सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) की जिम्मेदारी दी गई। बाद में उन्होंने पुलवामा जिले के SSP के रूप में भी सेवाएं दीं। अपने कार्यकाल के दौरान तनुश्री ने संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा अभियानों के संचालन और पुलिस प्रशासन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। जम्मू-कश्मीर में उनकी तैनाती के दौरान उनके काम को लेकर वह चर्चा में रहीं।
अब दिल्ली पुलिस में संभालेंगी जिम्मेदारी
जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने के बाद अब IPS अधिकारी तनुश्री को दिल्ली में नई जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने AGMUT कैडर के अधिकारियों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उनका तबादला जम्मू-कश्मीर से दिल्ली पुलिस में कर दिया है। केंद्र सरकार के आदेश के बाद यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अब तनुश्री दिल्ली में पुलिस सेवा की जिम्मेदारी निभाएंगी और राजधानी की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगी
परिवार से मिली देश सेवा की प्रेरणा
IPS अधिकारी तनुश्री को देश सेवा की प्रेरणा अपने परिवार से मिली। उनका परिवार लंबे समय से सुरक्षा सेवाओं से जुड़ा रहा है। उनके पिता केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में DIG के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन भी CRPF में कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं। सुरक्षा बलों से जुड़े माहौल में पली-बढ़ीं तनुश्री के भीतर बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रहा। यही वजह रही कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भी CRPF से की और बाद में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुईं।
आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन ने बदला नजरिया
IPS अधिकारी तनुश्री ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में जम्मू-कश्मीर में अपनी पोस्टिंग के अनुभव साझा किए थे। उन्होंने बताया था कि घाटी में तैनाती के दौरान पहली बार आतंकवाद विरोधी अभियान में शामिल होना उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण अनुभव था। तनुश्री ने बताया था कि सुरक्षा एजेंसियों को हिजबुल मुजाहिदीन के एक कमांडर के बारे में जानकारी मिली थी। ऑपरेशन के दौरान जब सुरक्षाबल संदिग्ध ठिकाने पर पहुंचे तो आतंकियों की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई में एक जवान घायल भी हुआ था। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में यह अनुभव काफी चुनौतीपूर्ण लगा, लेकिन पूरी टीम ने धैर्य और साहस के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। उन्होंने कहा था कि टीम वर्क और बेहतर रणनीति के कारण अभियान सफल रहा।
PM मोदी ने दी थी सामाजिक जुड़ाव की सलाह
इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तनुश्री से उनकी पढ़ाई और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर बातचीत की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पुलिसिंग के साथ सामाजिक जुड़ाव पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर की महिलाएं हाथ से बेहतरीन शॉल और कपड़े तैयार करती हैं। उन्होंने तनुश्री को सलाह दी थी कि पुलिस की जिम्मेदारियों के साथ समय निकालकर स्थानीय महिला समूहों से जुड़ें और उन्हें आधुनिक डिजाइन व नई सोच से जोड़ने का प्रयास करें। पीएम मोदी ने कहा था कि इस तरह की पहल से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और पुलिस तथा आम लोगों के बीच संबंध भी और मजबूत हो सकते हैं।


