
बालोद न्यूज धमाका – जिले के दल्ली राजहरा वन परिक्षेत्र में एक गर्भवती हिरणी की मौत ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग के अनुसार, हिरणी पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में सरकारी पशु चिकित्सालय लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि हिरणी की मौत का कारण गोली लगना भी हो सकता है। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में मौत कैसे हुई।

कुत्तों के झुंड ने किया हमला, पेट में था शावक
वन विभाग के अनुसार, यह घटना ग्राम पेण्ड्री बीट में घटी, जहां एक घायल मादा हिरण को कुत्तों का झुंड दौड़ा रहा था। ग्रामीणों की सूचना पर वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल हिरणी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के दौरान यह भी सामने आया कि हिरणी गर्भवती थी और उसके पेट में एक बच्चा भी था, जिसकी मौत के साथ वन्यजीव संरक्षण को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है।
गोली लगने की आशंका, जांच की मांग
कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि हिरणी के शरीर पर जो घाव थे, वे किसी गोली के लगने जैसे प्रतीत हो रहे थे। हालांकि वन विभाग ने अभी तक इस आशंका की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के असली कारण का पता चलेगा।
किया गया अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने हिरणी का अंतिम संस्कार कर दिया। वन विभाग ने यह भी कहा कि यदि गोली लगने की पुष्टि होती है तो अवैध शिकार की आशंका को ध्यान में रखते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं वन अधिकारी?
वन परिक्षेत्र अधिकारी का कहना है:
“हिरणी घायल अवस्था में मिली थी, उसे तत्काल चिकित्सालय ले जाया गया लेकिन दुर्भाग्यवश उसे बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा है, जिसके बाद ही आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।”
मामला क्यों है अहम?
- हिरण संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आते हैं।
- यह घटना दर्शाती है कि जंगलों से लगे ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों और अवैध शिकार दोनों का खतरा बना हुआ है।
- गर्भवती मादा की मौत से दो जानें चली गईं, जो जैव विविधता के लिए गंभीर चेतावनी है।
