
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज रायपुर में हुई कैबिनेट बैठक में खनिज, कृषि, भूमि, और खेल सहित कई अहम क्षेत्रों को लेकर बड़े फैसले लिए गए। इस दौरान DMF फंड (जिला खनिज न्यास) के उपयोग में पारदर्शिता और प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई, वहीं रेत खदानों के आवंटन को अब पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।
DMF का पैसा अब खदान के 15–25 किमी दायरे में ही खर्च होगा
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास नियम, 2015 में संशोधन कर तय किया कि:
- 70% राशि खनन क्षेत्र से 15 किमी के भीतर उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च की जाएगी।
- 30% राशि खदान के 25 किमी के भीतर अन्य प्राथमिकताओं पर खर्च होगी।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्र होंगे: स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यावरण, महिला-बाल कल्याण, वृद्ध-निशक्तजन, कौशल विकास, कृषि और स्वच्छता।
रेत खदानों का होगा ऑनलाइन आवंटन, अवैध खनन पर लगाम
कैबिनेट ने “छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025” को मंजूरी दी। इसके तहत:
- रेत खदानों का ई-नीलामी (Online Auction) से आवंटन होगा।
- 2019 व 2023 के पुराने नियम निरस्त किए गए।
- अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने कड़े प्रावधान होंगे।
- आम लोगों को उचित मूल्य पर रेत उपलब्ध होगी और पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
भूमि दर निर्धारण में बदलाव: अब हेक्टेयर आधारित मूल्यांकन
कैबिनेट ने ग्रामीण कृषि भूमि की मूल्य गणना प्रणाली में संशोधन करते हुए:
- 500 वर्गमीटर तक की दरें समाप्त कीं, अब मूल्यांकन हेक्टेयर दर से होगा।
- परिवर्तित भूमि के लिए सिंचित दर का ढाई गुना मूल्यांकन समाप्त किया गया।
- शहरी सीमा से लगे गांवों और निवेश क्षेत्रों की भूमि दरें अब वर्गमीटर में तय होंगी।
इस निर्णय से भ्रष्टाचार और अनियमितता पर अंकुश लगेगा, खासकर भारतमाला प्रोजेक्ट व बिलासपुर के अरपा-भैंसाझार जैसे मामलों में।
नवा रायपुर में बनेगी क्रिकेट अकादमी
नवा रायपुर के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को 7.96 एकड़ भूमि आबंटित की गई है। यहाँ एक आधुनिक क्रिकेट अकादमी स्थापित की जाएगी, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।
निष्कर्ष: पारदर्शिता और विकास को मिलेगी रफ्तार
साय कैबिनेट के इन निर्णयों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार खनिज संपदा के न्यायोचित उपयोग, भूमि व्यवस्था में पारदर्शिता, और खेल अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दे रही है। ऑनलाइन खदान आवंटन और DMF फंड के स्थानीय उपयोग से जनहित और पारदर्शिता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
