
बालोद न्यूज धमाका – बालोद जिले के वार्ड क्रमांक 20 स्थित दीनदयाल फाउंडेशन आश्रम से एक शर्मनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है। आरोप है कि इस आश्रम में रह रही 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकत की गई है। इस घटना का ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें बच्ची के साथ दुर्व्यवहार और आश्रम संचालक की संदिग्ध भूमिका उजागर हो रही है।
ऑडियो में सामने आई गंभीर बातें
वायरल ऑडियो में आश्रम संचालक बच्ची से बातचीत करते हुए मामले को छुपाने और माता-पिता को न बताने की सलाह दे रहा है। वहीं वायरल वीडियो में बच्ची के साथ अश्लील हरकत करने वाले आरोपी की भी पहचान उजागर हो गई है।
एसपी को सौंपा गया ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
घटना के सामने आते ही स्थानीय वार्ड पार्षद और वार्डवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है। बुधवार को नाराज लोगों ने बालोद पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर, आश्रम संचालक और अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आश्रम सरकारी जमीन पर अवैध रूप से संचालित हो रहा है और वहां तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक जैसी गतिविधियाँ भी चल रही हैं।
आश्रम पर अवैध कब्जे का भी आरोप
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि पिछले 5 वर्षों से दीनदयाल फाउंडेशन आश्रम के नाम पर करीब 50 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है। आश्रम में दूसरे राज्यों के लोगों का भी लगातार आना-जाना लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में भय और संदेह का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने शुरू की जांच, बड़ा खुलासा जल्द
बालोद पुलिस ने आश्रम संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया है और वायरल वीडियो-ऑडियो की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जल्द बड़ा खुलासा हो सकता है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि आश्रम में अन्य बच्चियों के साथ भी इसी तरह की घटनाएँ हो सकती हैं।
स्थानीयों की स्पष्ट मांग
- पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए त्वरित और निष्पक्ष जांच
- आश्रम संचालक और सहयोगियों की गिरफ्तारी
- सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जाए
- आश्रम में चल रही संदिग्ध गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच
समाप्ति टिप्पणी:
एक तरफ देश भर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कानून सख्त किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह के मामलों का सामने आना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज की चेतना को भी झकझोर देता है। अब देखने वाली बात यह है कि बालोद प्रशासन और पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर कार्रवाई करते हैं।
