
रायपुर न्यूज धमाका – राजधानी रायपुर में कुख्यात सूदखोर तोमर बंधुओं के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुरानी बस्ती थाना में व्यापारी भोपाल मणि साहू की शिकायत पर यह सातवीं FIR दर्ज की गई है, जिसमें रोहित तोमर, वीरेंद्र तोमर, दिव्यांश, आकाश, योगेश सिन्हा और अन्य आरोपियों के खिलाफ अवैध वसूली और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या है मामला?
- दिसंबर 2022: व्यापारी भोपाल मणि साहू ने व्यवसाय के लिए 2 लाख रुपये रोहित तोमर से उधार लिए।
- ब्याज दर: 3% मासिक
- शर्त: आरोपियों ने कोरे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाए
- हकीकत: लगातार ब्याज और दबाव बनाकर व्यापारी से अब तक 30 लाख रुपये वसूले गए
- व्यापारी के अनुसार, उसे धमकी, जबरन वसूली, और ब्लैकमेल किया गया
पुलिस कार्रवाई
- FIR दर्ज: IPC की कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज
- मुख्य आरोपी:
- रोहित तोमर
- वीरेंद्र तोमर
- दिव्यांश (पहले से जेल में)
- आकाश, योगेश सिन्हा और अन्य
- स्थिति:
- रोहित और वीरेंद्र अभी भी फरार
- 5000 रुपये का इनाम घोषित
- गिरफ्तारी वारंट जारी
- अब तक दो थानों में कुल 7 FIRs
तोमर गिरोह की पृष्ठभूमि
- लंबे समय से सूदखोरी और अवैध वसूली में लिप्त
- स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को ब्याज पर पैसे देकर बाद में धमकी और दबाव से मोटी रकम वसूलना इनका पैटर्न
- पीड़ित अक्सर कोरे स्टांप या चेक पर हस्ताक्षर करने को मजबूर
स्थानीय लोगों में आक्रोश
- व्यापारिक संगठनों ने मांग की है कि:
- आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो
- सूदखोरी के सभी मामलों की संपत्ति जब्ती सहित कठोर जांच हो
- पुलिस पर सवाल: एक महीने बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी फरार क्यों?
सवाल उठते हैं…
- अगर दिव्यांश पहले से न्यायिक हिरासत में है, तो बाहरी नेटवर्क कैसे सक्रिय है?
- तोमर बंधु जैसे हिस्ट्रीशीटर पुलिस के रेडार पर होते हुए भी खुले घूमते हैं, यह प्रशासन की विफलता नहीं तो क्या है?
- कितने और व्यापारी अब तक शिकार हो चुके हैं, और उन्होंने डर के कारण शिकायत नहीं की?
निष्कर्ष
तोमर बंधुओं के खिलाफ एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं और यह साफ है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि संगठित अवैध सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस कब तक हाथ पर हाथ धरकर बैठी रहती है या सख्त कार्रवाई कर रायपुर को इस गिरोह से मुक्ति दिलाती है।



