
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई एक नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जांच में सामने आया कि हत्या लूट की योजना के तहत की गई थी, जिसमें पीड़ित ने विरोध किया तो उसे बेरहमी से मार डाला गया।
क्या है पूरा मामला?
3 जुलाई 2025 की रात, जंजगिरी निवासी राजकुमार यादव जब स्कूटी से मोरिद-डुण्डेरा मार्ग पर एक नहर के पास से गुजर रहा था, तभी सुनसान सड़क पर घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल राजकुमार को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच कैसे पहुँची आरोपियों तक?
- 150+ सीसीटीवी फुटेज,
- 1500 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण,
- और मृतक के मरणासन्न बयान और चश्मदीदों की गवाही के आधार पर पुलिस ने तह तक पहुंचकर आरोपियों की पहचान की।
आरोपियों ने पूछताछ में वारदात स्वीकार की।
ऐसे दिया गया था हत्या को अंजाम
मुख्य आरोपी लोकेश सारथी ने बताया कि वह अपने चार साथियों—राजकिशोर उर्फ छोटू, आकाश उर्फ हड्डी, महाराजा देवार, उमेश टंडन और एक नाबालिग के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर निकला था।
रास्ते में उन्होंने राजकुमार को अकेला देख कर लूट की कोशिश की।
- विरोध करने पर महाराजा ने पेचकस से सीने पर वार किया,
- आकाश और लोकेश ने चाकू से पेट और पैर पर हमला किया।
- पीड़ित से मोबाइल और नकदी लूट कर फरार हो गए।
घटना के बाद आरोपियों ने धौराभाठा मोड़ पर एक हाईवा ड्राइवर से भी लूट की।
पूर्व नियोजित थी हत्या
- आरोपियों ने पहले ही लूट की योजना बनाई थी।
- सूने रास्तों की पहचान की थी।
- एक आरोपी निखिल ठाकुर ने वारदात से पहले अपनी मां का मोबाइल गिरवी रखकर साथी को रुपये दिए थे।
- इससे पहले ये लोग कई छोटी लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे, जिनकी रिपोर्ट नहीं की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी
| नाम | उम्र | पता |
|---|---|---|
| लोकेश सारथी उर्फ भांचा | 19 | रामनगर, कुम्हारी |
| राजकिशोर वैष्णव उर्फ छोटू | 20 | रामनगर, कुम्हारी |
| उमेश टंडन | 19 | चंद्रमा चौक, खुर्सीपार |
| निखिल ठाकुर उर्फ विक्की चौधरी | – | तीन दर्शन मंदिर, छावनी |
| एक अपचारी बालक | – | – |
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पेचकस, चाकू, स्कॉर्पियो वाहन और लूटा गया मोबाइल जब्त किया है।
निष्कर्ष
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि लूट की नियत से की गई हत्या किस तरह समाज में अपराध की जड़ें गहराती जा रही हैं। दुर्ग पुलिस की सतर्कता और तेज़ जांच ने न केवल आरोपियों को पकड़ा बल्कि एक नजीर भी पेश की है कि कानून से कोई नहीं बच सकता।



