बिलासपुर न्यूज धमाका – प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें मृत लोगों को भी योजना का लाभार्थी बनाकर सरकारी धन का गबन किया गया। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत बांधा में 6.70 लाख रुपये की फर्जी निकासी का मामला उजागर हुआ है। इस फर्जीवाड़े में आवास मित्र, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत सामने आई है। जांच में दोष सिद्ध होने पर तीनों आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
फर्जी तरीके से पारित हुए ग्रामसभा प्रस्ताव
जांच में पाया गया कि योजनांतर्गत जिन लोगों को लाभ मिलना था, उनकी जगह मृत व्यक्तियों या अन्य अपात्रों के नाम पर फर्जी प्रस्ताव ग्रामसभा से पारित करवाए गए। इसके बाद फर्जी खातों और आधार नंबर के ज़रिए योजना की राशि संबंधित आरोपियों के नियंत्रण वाले खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
इन लोगों को बनाया गया फर्जी लाभार्थी:
- राजेश कुमार (असली) की जगह राजेश सोनवानी
- सरस्वती मरावी की जगह सरस्वती वर्मन
- रामफल पोर्ते (मृत) की जगह केहर सिंह श्रीवास
- लैनी बाई की जगह रागिनी सोनवानी
- सोनादेवी अग्रवाल की जगह सरोजनी बंजारे
- गंगोत्री यादव (मृत) की जगह गंगोत्री पात्रे
इन सभी के खातों में 95 हजार से लेकर 1.20 लाख रुपये तक की राशि जमा कर दी गई।
तीन सदस्यीय जांच समिति ने खोली पोल
जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने पूरे मामले की गहराई से जांच की। जांच में पाया गया कि आवास मित्र राजेश सोनवानी, पंचायत सचिव दिलीप पात्रे और रोजगार सहायक रितेश श्रीवास ने जानबूझकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
एफआईआर दर्ज, धोखाधड़ी का मामला कायम
तखतपुर पुलिस को जनपद पंचायत के विकास विस्तार अधिकारी सुनील कुमार तिवारी द्वारा लिखित शिकायत दी गई, जिसके आधार पर धोखाधड़ी की धाराओं में तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।
सरकार की योजना में सेंध, प्रशासन सवालों के घेरे में
यह मामला न केवल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे भ्रष्ट तंत्र गरीबों के नाम पर चल रही योजनाओं का लाभ खुद उठा रहे हैं। मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन को लूटा जाना बेहद गंभीर मामला है और इससे आमजन का भरोसा योजनाओं से उठ सकता है।



