
रायपुर न्यूज धमाका – 15 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार केके श्रीवास्तव की पुलिस रिमांड को अदालत ने 5 जुलाई तक बढ़ा दिया है। मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
ईओडब्ल्यू ने भोपाल के होटल से दबोचा था आरोपी
विशेष आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने श्रीवास्तव को भोपाल के एमरॉल्ड होटल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे रायपुर लाकर पूछताछ की जा रही है। श्रीवास्तव पर आरोप है कि उसने दिल्ली स्थित रावत एसोसिएट्स के मालिक अर्जुन रावत को छत्तीसगढ़ में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपए की ठगी की।
जब रावत ने पैसे लौटाने की मांग की, तो श्रीवास्तव ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। इस मामले में तेलीबांधा थाना में एफआईआर दर्ज है।
ईडी ने भी दर्ज किया है मनी लॉन्ड्रिंग का केस
केके श्रीवास्तव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी 50 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर रखा है। तत्कालीन एसएसपी ने श्रीवास्तव को भगोड़ा घोषित करते हुए उस पर इनाम घोषित किया था।
तंत्र-साधना से बनाई थी नेताओं से पहुंच
पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रीवास्तव केवल एक व्यापारी नहीं, बल्कि तंत्र साधना और धार्मिक अनुष्ठान करने वाला व्यक्ति भी था। इसी माध्यम से उसने राजनीतिक संपर्क बढ़ाए और प्रदेश के शीर्ष नेताओं तक पहुँच बनाई। इन्हीं संबंधों का फायदा उठाकर उसने दिल्ली की कंपनी को स्मार्ट सिटी का काम दिलाने का झांसा दिया।
फर्जी खातों से किया ट्रांजैक्शन, बेटा भी शामिल
श्रीवास्तव और उसके बेटे के खिलाफ 10 माह पूर्व एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद दोनों फरार हो गए थे। जमानत याचिका जिला न्यायालय और हाईकोर्ट दोनों से खारिज हो चुकी है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रावत एसोसिएट्स से जो पैसे लिए गए, उन्हें जोमैटो और स्विगी डिलीवरी ब्वॉय के नाम से खोले गए फर्जी खातों में ट्रांसफर किया गया।
क्या आगे होगा?
- पुलिस अब श्रीवास्तव से मनी ट्रेल और राजनीतिक संपर्कों को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
- ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों इस केस में संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं।
- श्रीवास्तव के संपत्ति और नेटवर्क की कुंडली खंगाली जा रही है।



