
धमतरी न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में छह साल पुरानी गुमशुदगी की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। सैप्टिक टैंक से मिले नरकंकाल की जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक की हत्या उसी के सौतेले पिता ने की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम भोयना की है। 17 मई 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि शांति कॉलोनी निवासी आशीष बड़ारिया के गोदाम के सूखे सैप्टिक टैंक में 6-7 साल पुराना नरकंकाल मिला है। मौके से कपड़ों के अवशेष, इंजेक्शन, डॉट पेन, रबर बेल्ट और एक सीमेंट पोल समेत कुछ अन्य सामग्रियां भी बरामद की गईं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने विशेष टीम गठित कर तत्काल जांच के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी के नेतृत्व में जांच टीम ने तेजी से सुराग जुटाए।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने राममिलन गोड़ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। उसने बताया कि करीब 6 साल पहले क्वार नवरात्रि के दौरान उसकी पत्नी और बेटियां पड़ोसी के घर गई थीं। रात लगभग 10-11 बजे सौतेला बेटा नंदू सोनी (23 वर्ष) घर आया और खाने को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में आकर राममिलन ने बेटे का सिर दीवार में पटक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घबराए राममिलन ने अगली सुबह शव को रस्सी और साइकिल ट्यूब से बांधकर सीमेंट पोल के साथ पास के गोदाम के सैप्टिक टैंक में डाल दिया। उसने यह बात सभी से छुपाई और नंदू को लापता बताकर चुप्पी साध ली।
पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर राममिलन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
निष्कर्ष
यह मामला साबित करता है कि समय भले ही बीत जाए, लेकिन अपराध की परतें एक दिन खुल ही जाती हैं। धमतरी पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने एक छह साल पुराने हत्याकांड को सुलझा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।



