रायपुर,न्यूज़ धमाका :- सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश की तहसीलों में राजस्व प्रकरणों के निराकरणों में हो रहे विलंब को गंभीरता से लिया है। प्रदेश के राजस्व के करीब पौने दो लाख मामले पेंडिंग पड़े हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने निर्धारित समय सीमा में प्रकरण निराकृत न होने पर प्रत्येक प्रकरण में संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संभागीय राजस्व कमिश्नर को महीने में दो तहसील या उप तहसील का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं।
संभागीय कमिश्नरों को निगरानी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री बघेल ने सभी संभागीय कमिश्नरों से कहा है कि वे तहसील कार्यालयों में आने वाले राजस्व प्रकरणों के निराकरण की सतत रूप से मानीटरिंग करें और माह में कम से कम दो तहसीलों अथवा उपतहसीलों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान अधिवक्ताओं और आम जनता से अवश्य रूप से भेंट करें, साथ ही उन्हें भेंट के लिए तय समय और तिथि के बारे में पूर्व में अवगत कराया जाए।
प्रत्येक राजस्व प्रकरण पंजीबद्ध हो
मुख्यमंत्री ने कहा है कि तहसील कार्यालय में प्रत्येक राजस्व प्रकरण पंजीबद्ध होना चाहिए। कोई भी प्रकरण अपंजीबद्ध न हो। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए तय की गई समय-सीमा का अनिवार्य रूप पालन किया जाए, समय-सीमा में प्रकरण का निराकरण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी से स्पष्टीकरण लिया जाए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा है कि वे संभागीय आयुक्त माह में दो बार पालन प्रतिवेदन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री मुख्य सचिव के माध्यम से प्राप्त इन पालन प्रतिवेदन का स्वयं अवलोकन करेंगे।
