
यूपी चुनावों के मद्देनजर किसान आंदोलन का रुख अत्यंंत महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद भी अभी तक प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की तीनों बॉर्डरों सिंघु बॉर्डर, ग़ाज़ीपुर बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर को बंधक बना रखा है.
नई दिल्ली. यूपी चुनावों के मद्देनजर किसान आंदोलन का रुख अत्यंंत महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद भी अभी तक प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की तीनों बॉर्डरों सिंघु बॉर्डर, ग़ाज़ीपुर बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर को बंधक बना रखा है. इस आंदोलन के बारे में आगे निर्णय लेने दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गयी है. मीटिंग में 42 किसान संगठन भाग ले रहे हैं. किसान नेता सुरजीत सिंह फूल इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं.इस बैठक में कृषि कानून वापसी के बाद किसान आन्दोलन की दशा और दिशा पर निर्णय लिए जाने हैं. बैठक में राकेश टिकैत, बलबीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत सभी जत्थेबंदियों के नेता भाग लेंगे.
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि इस बैठक में यह फैसला लिया जाएगा कि आने वाले दिनों में यूूपी सहित देश के अन्य हिस्से में आन्दोलन कैसे चलेगा और सरकार के सामने अपनी कौन सी अन्य मांगें रखी जाएंगी.
किसान नेता मनजीत राय ने इस बैठक से पहले जी यूपी यूके के साथ खास बातचीत में कहा कि किसानों की तीनों कानूनों को रद्द करने के अलावा 8 मांगें और थीं, जिन्हें पूरा नहीं किया गया है. आज की बैठक में किसान नेता तय करेंगे कि आन्दोलन आगे कैसे चलाना है. जब तक कानून वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं, के नारे पर भी मनजीत ने कहा कि आज की बैठक में ही सभी किसान नेता फैसला करेंगे कि आगे क्या करना है.
किसान नेताओं ने कहा कि आज की मीटिंग में किसानों पर लदे मुकदमे वापस लेने, शहीद हुए किसानोंं और ट्रैक्टर रैली के मुद्दों पर चर्चा होगी. अभी के मुद्दों में से कानून वापसी का मुद्दा हट जायेगा, बाकी सब मुद्दे यथावन शामिल रहेंगेसिंघु बॉर्डर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक संसद में तीनों कानून रद्द नहीं हो जाते हैं, तब तक वो सिंघु बॉर्डर को खाली नहीं करेंगे. प्रदर्शनकारियों की यह भी मांग है कि सरकार किसानों को कानूनन एमएसपी दे.
कल जारी प्रेस रिलीज में संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद भी 29 नवम्बर को संसद तक ट्रैक्टर मार्च निकालने की बात कही थी. 29 नवंबर को टीकरी और यूपी के गाजीपुर बार्डर से 500 किसानों का जत्था संसद कूच करेगा. आज की बैठक में इस प्रस्तावित मार्च पर भी चर्चा होगी.



