30 जुलाई 2026 //
दिल्ली न्यूज़ धमाका – नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की सुनवाई जरूरी दस्तावेजों के अभाव में टल गई। CBI को तीन दिन में सभी दस्तावेज और गवाहों की सूची जमा करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की कार्यवाही फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी। सीबीआई की ओर से आवश्यक दस्तावेज और गवाहों की पूरी सूची प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई 3 अगस्त 2026 तक के लिए स्थगित कर दी है।
विशेष न्यायाधीश अनु गोयल बलीगा ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह तीन दिनों के भीतर सभी लंबित दस्तावेज और बयानों की सूची अदालत में जमा करे, ताकि अगली सुनवाई में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
20 हजार पन्नों की चार्जशीट, लेकिन कुछ दस्तावेज अभी बाकी
सीबीआई इस मामले में करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। हालांकि, आरोपपत्र के साथ जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य रिकॉर्ड अभी तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इसी वजह से सुनवाई में देरी हुई। जांच एजेंसी की चार्जशीट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के किसी अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया है।
360 गवाह और 422 दस्तावेजों के आधार पर आरोप
सीबीआई का दावा है कि उसने पेपर लीक की पूरी साजिश का खुलासा कर लिया है। एजेंसी के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, बिचौलियों और लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों तक पूरी कड़ी की पहचान कर ली गई है।
चार्जशीट के अनुसार, 360 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। 422 दस्तावेज जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। 43 भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
72 अधिकारियों की टीम ने की जांच
सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच के लिए 72 अधिकारियों और कर्मचारियों की कई टीमें बनाई गईं। इनके साथ 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया।
जांच के दौरान दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान डिजिटल उपकरण, अहम दस्तावेज जब्त किए गए और आरोपियों से जुड़े कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाता भी फ्रीज किए गए।
3 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी। यदि सीबीआई तय समय में सभी दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत कर देती है, तो मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।


