
01 सितम्बर 2026 //
दिल्ली न्यूज़ धमाका – दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में हवा में उड़ान के दौरान बड़ा तकनीकी हादसा सामने आया। लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान का एक इंजन अचानक फेल हो गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। पायलट की त्वरित सूझबूझ और नियंत्रण के चलते विमान को वापस दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड कराया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से गोवा के लिए रवाना हुई इंडिगो की एक कमर्शियल फ्लाइट में आसमान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। विमान जब करीब 14,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी उसके एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। हवा में इंजन फेल होते ही विमान में सवार यात्रियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से तुरंत संपर्क साधा गया और पूर्ण आपातकालीन स्थिति
14 हजार फीट की ऊंचाई पर फेल हुआ इंजन, यात्रियों में मचा हड़कंप
विमान ने अपने निर्धारित समय पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गोवा के लिए उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद जब विमान 14,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा, तब अचानक एक तेज झटका लगा और क्रू को इंजन में तकनीकी खराबी का अहसास हुआ। केबिन के भीतर यात्रियों को भी असहजता महसूस हुई, जिसके बाद विमान में हड़कंप मच गया और यात्रियों की सांसें अटक गईं।
पायलट की सूझबूझ से दिल्ली में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
हादसे की भयावहता को देखते हुए विमान के कैप्टन और कॉकपिट क्रू ने बिना समय गंवाए प्रोसीजर का पालन किया। पायलट ने तुरंत सिंगल-इंजन लैंडिंग के प्रोटोकॉल को सक्रिय किया और दिल्ली एटीसी को स्थिति की जानकारी दी। हवाई अड्डे पर एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तुरंत तैनात कर दिया गया। पायलट की कुशलता से विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया, जिसके बाद यात्रियों और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने राहत की सांस ली।
तकनीकी जांच के आदेश, यात्रियों के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था
सुरक्षित लैंडिंग के तुरंत बाद विमान को जांच के लिए बे में ले जाया गया। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और एयरलाइन की इंजीनियरिंग टीम ने इस घटना की गहन जांच शुरू कर दी है कि आखिर उड़ान भरने के बाद इतनी ऊंचाई पर इंजन में यह तकनीकी खराबी कैसे आई। इस बीच इंडिगो एयरलाइंस ने फंसे हुए सभी यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए गोवा भेजने की वैकल्पिक व्यवस्था की और उन्हें हुई असुविधा के लिए खेद प्रकट किया।



