
25 अगस्त 2026 //
दिल्ली न्यूज़ धमाका – दिल्ली-एनसीआर में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और मानसूनी नमी के बीच स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। गौतमबुद्ध नगर जिले में बीते 24 घंटे के भीतर स्वाइन फ्लू के रिकॉर्ड 105 नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन बेड आरक्षित करने और निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मौसमी बीमारियों और इन्फ्लूएंजा वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में भी स्वाइन फ्लू के मामलों में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया है। 24 घंटे के भीतर 105 नए मरीजों में एच1एन1 वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाते हुए जांच और उपचार की व्यवस्था को युद्धस्तर पर सक्रिय कर दिया है।
अस्पतालों में आरक्षित किए गए बेड, आइसोलेशन वार्ड तैयार
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय और ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) सहित सभी प्रमुख सरकारी व निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों और सांस लेने में तकलीफ का सामना कर रहे संक्रमितों के त्वरित उपचार के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड और ऑक्सीजन युक्त बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को इन्फ्लूएंजा प्रोटोकॉल के तहत उपचार के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम में नमी और बदलाव से बढ़ा संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में अत्यधिक नमी वायरस के प्रसार के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। अस्पतालों की ओपीडी में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और बदन दर्द के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य वायरल बुखार समझकर लापरवाही बरतने के बजाय समय रहते स्वाइन फ्लू की जांच कराना बेहद जरूरी है।
उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए विशेष सावधानी की सलाह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों में बताया गया है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से अस्थमा, मधुमेह, हृदय रोग या कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों को संक्रमण का अधिक खतरा रहता है। ऐसे व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करने और डॉक्टर की सलाह से वार्षिक इन्फ्लूएंजा टीका लगवाने का सुझाव दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की आम नागरिकों के लिए गाइडलाइन
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए आम जनता से रेस्पिरेटरी हाइजीन का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से ढकें, साबुन से नियमित रूप से हाथ धोएं और बिना हाथ धोए आंख, नाक व मुंह को छूने से बचें। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने और लक्षण दिखने पर बिना चिकित्सकीय परामर्श के खुद से दवाएं न लेने की हिदायत दी गई है।



