
25 अगस्त 2026 //
लखनऊ न्यूज़ धमाका – लखनऊ में यूपीएसएसएससी (UPSSSC) परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह के दो अन्य सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महानगर के दयानंद कन्या इंटर कॉलेज केंद्र से अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद होटल रजिस्टर और सीसीटीवी की मदद से गिरोह के बाकी साथियों को दबोचा गया
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग UPSSSC की परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने की बड़ी साजिश को एसटीएफ और लखनऊ की महानगर पुलिस ने नाकाम कर दिया है। परीक्षा केंद्र से ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए अभ्यर्थी की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो अन्य सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक ब्लूटूथ डिवाइस और शैक्षणिक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
दयानंद कन्या इंटर कॉलेज से पकड़ा गया था अभ्यर्थी
एसटीएफ को 23 अगस्त को पुख्ता सूचना मिली थी कि महानगर स्थित दयानंद कन्या इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करने की फिराक में है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने केंद्र से जौनपुर निवासी अभ्यर्थी बृजेश कुमार यादव उर्फ बबलू 37 को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से नकल में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।
होटल रजिस्टर और CCTV से पकड़ा गया दूसरा साथी
पूछताछ में अभ्यर्थी बृजेश ने अपने दो साथियों सत्यप्रकाश यादव और रमेश चंद्र पटेल के बारे में अहम जानकारियां दीं। पुलिस ने जब निशातगंज स्थित अमित होटल के रजिस्टर की पड़ताल की, तो वहां बृजेश और सत्यप्रकाश के एक साथ ठहरने की पुष्टि हुई। होटल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने सत्यप्रकाश को परीक्षा केंद्र दयानंद इंटर कॉलेज के बाहर से गिरफ्तार कर लिया, जहां वह परीक्षा खत्म होने के बाद बृजेश का इंतजार कर रहा था।
प्रयागराज से दबोचा गया दलाल रमेश पटेल
सत्यप्रकाश ने पुलिस को बताया कि वह और बृजेश दोनों परीक्षा देने आए थे और नकल कराने के लिए उनकी बातचीत रमेश चंद्र पटेल से हुई थी। इसके बाद पुलिस टीम सत्यप्रकाश को साथ लेकर प्रयागराज पहुंची और संगम रेलवे स्टेशन के सामने घेराबंदी कर रमेश चंद्र पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया।
5 लाख में तय हुआ था नकल का सौदा
आरोपी रमेश पटेल ने पूछताछ में खुलासा किया कि बृजेश को परीक्षा पास कराने के लिए उसने अनूप कुमार पटेल और पंकज श्रीवास्तव से 5 लाख रुपये में सौदा तय कराया था। इस सौदे में से 1 लाख रुपये बतौर कमीशन रमेश को मिले थे, जबकि बाकी रकम अन्य साजिशकर्ताओं को दी जानी थी।
योजना के तहत परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ के जरिए बृजेश को बाहर से प्रश्नों के उत्तर हल कराए जाने थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े दो अन्य वांछित आरोपियों अनूप पटेल और पंकज श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।



