
नई दिल्ली न्यूज़ धमाका /// आज इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (आईजेयू) ने प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम द्वारा गुवाहाटी स्थित एक समाचार चैनल के संपादक को धमकाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। दरअसल असम राइफल्स ने पिछले दिनों तीन युवकों को म्यांमार की सीमा से लगे नागालैंड के मोन जिले से हिरासत में लिया था।
खबर है कि तीनों युवक उग्रवादी संगठन उल्फा(आई) के संपर्क में थे, इसी खबर को स्थानीय समाचार चैनल के संपादक ने प्रमुखता से चलाया.. जिससे उग्रवादी संगठन बौखला गया.. संगठन के द्वारा पहले फोन के जरिए संपादक को धमकाया गया फिर एक बयान जारी कर उल्फा (आई) ने इस खबर पर टिप्पणी करने के संपादक के अधिकार पर सवाल उठाते हुए ने उन्हें चेतावनी दी।
संगठन ने सारी हदें पार करते हुए संपादक को भविष्य में ऐसी ‘गलती’ न करने का आदेश भी दिया। आदेश नहीं मानने पर उग्रवादी संगठन ने संपादक के खिलाफ किसी भी तरह का कदम उठाने की धमकी दी। IJU ने इसे गंभीर माना है और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।
उल्फा (आई) क्या है
उल्फा या यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रण्ट ऑफ़ असम भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में सक्रिय एक प्रमुख आतंकवादी और उग्रवादी संगठन है। सशस्त्र संघर्ष के द्वारा असम को एक स्वतन्त्र राज्य बनाना इसका लक्ष्य है। भारत सरकार ने इसे साल 1990 में प्रतिबन्धित कर दिया और इसे एक ‘आतंकवादी संगठन’ के रूप में वर्गीकृत किया है। ये संगठन असम और उसके आसपास के इलाकों में कई अग्रवादी वारदातों को अंजाम दे चुका है। संगठन पर स्थानीय युवाओं को बरगलाकर अपने संगठन में शामिल कर लेने के आरोप लगते रहे हैं।
प्रतिबंधित संगठन उल्फा (इंडिपेंडेंट) ने इस साल मई में एकतरफा संघर्ष विराम का ऐलान किया था.. हाल ही में इसे तीन महीने के लिए बढ़ाया गया है। संगठन की ओर से कहा गया कि संघर्ष विराम के दौरान वो किसी भी प्रकार की सशस्त्र गतिविधि नहीं करेगा। बताया जा रहा है कि संघर्ष विराम के दौरान उल्फा (आई) किसी हिंसक गतिविधि को अंजाम नहीं दे रहा लेकिन नए सदस्यों की भर्ती कर रहा है।




