
भिलाई न्यूज़ धमाका /// वार्ड-6 निवासी टेकराम साहू व उसकी पत्नी 21 अक्टूबर की रात दो बच्चे हिमांशू साहू (4 वर्ष) और शाहिल (8 माह ) के साथ एक ही बिस्तर पर सोए हुए थे। तड़के 4.30 बजे छोटा बच्चा शाहिल अचानक रोने लगा। मां फौरन उठी और लाइट जला कर देखा तो बिस्तर से जहरीला सांप बाहर निकल रहा था। उसने तुरंत टेकराम को जगाया। उन्होंने देखा कि उस जहरीले सांप ने उनके दोनों बेटों को डस लिया था।इससे शाहिल ने एक घंटे बाद ही दम तोड़ दिया। वहीं हिमांशू क हालत गंभीर थी। जिसके बाद परिजन उस वैद्य के पास लेकर गए थे। वैद्य ने उन्हें अस्पताल भेजा। वहां उसकी स्थिति गंभीर होने पर बच्चे को जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया। जिला अस्पताल में भी राहत नहीं मिली तो डॉक्टरों ने उसे पंडित जवाहर लाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र सेक्टर-9 रेफर किया।ले जाते समय हिमांशु ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद टेकराम ने अपने दोनों बच्चों को दफनाकर उनका अंतिम संस्कार किया।

उसका कहना है कि यदि वह मर्ग कायम कराते तो पीएम में उनके बच्चों का चीर-फाड़ करते जो वह देख नहीं पाते।बिना पीएम बच्चों का अंतिम संस्कार किए जाने की जनकारी होने पर धमधा एसडीएम बृजेश सिंह, तहसीलदार राजेन्द्र चंद्राकर तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम लेकर मंगलवार दोपहर घटना स्थल पहुंचे। परिजन बच्चों के शव को निकालने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों को समझाया गया। कई घंटों की समझाने के बाद परिजन राजी हुए।इसके बाद दोनों गड्ढों को खोदकर बच्चों के शव को बाहर निकाला गया और तहसीलदार के सामने उनका मर्ग पंचनामा कराया गया। जिसके बाद शवों को पीएम के लिए भेजा गया है। एसडीएम ने अकाल मृत्यु की वजह से शासन की योजना अंर्तगत दोन बच्चों की मौत पर 4-4 लाख रुपए का मुआवजा परिजनों को दिया गया है

