
कांकेर न्यूज धमाका – शहर से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक 19 वर्षीय आदिवासी युवती ने आरोप लगाया है कि उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर दुकान मालिक ने न सिर्फ उसे कमरे में बंद किया, बल्कि मानसिक उत्पीड़न करते हुए अश्लील वीडियो भी दिखाए। कांकेर कोतवाली पुलिस ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता का बयान
पीड़िता के अनुसार, वह कांकेर स्थित अरिहंत फैशन हाउस में पिछले एक वर्ष से कार्यरत थी। दुकान मालिक वीरचंद्र पारख ने उस पर करीब 1.5 लाख रुपये की चोरी का आरोप लगाया और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उसे दुकान के एक कमरे में बंद कर दिया। युवती ने आरोप लगाया कि उसे जबरदस्ती स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने के साथ-साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया।
व्यक्तिगत दस्तावेज जब्त, बहन को भी किया टारगेट
युवती ने बताया कि दुकान मालिक ने उसके किराए के मकान तक पहुंचकर उसके और उसकी नाबालिग बहन के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए। आरोप है कि उसे डराने के उद्देश्य से आपत्तिजनक वीडियो भी दिखाए गए। पीड़िता ने भावुक होकर कहा, “मैं आदिवासी समाज से हूं, इसलिए मेरे साथ भेदभाव हुआ और मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई।”
पुलिस कार्रवाई
कांकेर कोतवाली पुलिस ने युवती की शिकायत पर आरोपी वीरचंद्र पारख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2), 332(c) और 79 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
जिला पंचायत सदस्य ने की निष्पक्ष जांच की मांग
जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि, “किसी भी युवती को झूठे आरोपों में फंसाकर इस तरह प्रताड़ित करना न सिर्फ कानून के खिलाफ है, बल्कि मानवता के भी विरुद्ध है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच होनी चाहिए।”
