
रायपुर न्यूज धमाका – उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के समग्र विकास और केंद्र-राज्य समन्वय की दिशा में परिषद की भूमिका को “सशक्त और निर्णायक” बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में यह मंच अहम साबित हुआ है।
छत्तीसगढ़ में विकास के ठोस कदम
- 28 नई बैंक शाखाएं खुलीं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में
- 82,000 से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने में सफलता
- डॉयल-112 सेवा का विस्तार, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार
- बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच
ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में अग्रणी
- अब तक ₹5.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त, जिनमें ₹3.5 लाख करोड़ पावर सेक्टर से
- देश में दूसरे स्थान पर विद्युत उत्पादन, 2030 तक पहले स्थान का लक्ष्य
- ग्रामीण क्षेत्रों में 23 घंटे 27 मिनट, शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 51 मिनट की औसत विद्युत आपूर्ति
- सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख घर सौर ऊर्जा से जोड़े जा रहे
कृषि और ग्रामीण विकास में तेजी
- 1.5 लाख से अधिक सोलर पंप किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कर रहे
- एनडीडीबी के साथ एमओयू से दुग्ध उत्पादन में नई श्वेत क्रांति की ओर
- अटल डिजिटल सेवा केंद्रों से पंचायतों को मिला तकनीकी सशक्तिकरण
- लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 का प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी सेवा वितरण
नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्यों के सहयोग से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की कमर टूट रही है। बसवराजू और सुधाकर जैसे शीर्ष नक्सली ढेर हुए हैं।
बोधघाट-महानदी-इंद्रावती लिंक परियोजनाएँ और रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन को मिली मंजूरी इस दिशा में बड़े कदम हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा:
“छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में पूरी निष्ठा से भागीदारी निभा रहा है। मध्य क्षेत्रीय परिषद संवाद और समन्वय का ऐसा मंच है, जिसने राज्य को विकास और सुशासन के रास्ते पर मॉडल राज्य बनने में मदद की है।”



