
आठ सालों से विकलांगता प्रमाण पत्र का इंतजार कर रहे नंगलू को कलेक्टर की पहल पर एक दिन में मिला प्रमाण पत्र।
जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम पंचायत कड़ेनार के आश्रित ग्राम नेडवाल निवासी नंगलुराम के भालू के हमले के कारण दिव्यांग होने एवं दिव्यांगता के कारण असमर्थता थी। एवं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बागड़े द्वारा कड़ेनार पंचायत अंतर्गत अन्य दिव्यांग हितग्राहियों का विकलांगता प्रमाण पत्र ना बने होने के संबंध में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा को जानकारी प्रदान की गई। जिसपर कलेक्टर द्वारा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग को संबंधित व्यक्ति एवं अन्य ग्रामीणों की हरसंभव मदद के लिये निर्देशित किया गया। साथ ही कड़ेनार निवासी चार दिव्यांगों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। जहां डाॅक्टरों द्वारा सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी गई।
सिविल सर्जन डाॅ संजय बसाख – नेडवाल निवासी नंगलुराम के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर कलेक्टर के निर्देश पर नंगलुराम से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया। जानकारी मिली कि नंगलुराम द्वारा आठ वर्ष पूर्व विकलांगता प्रमाण पत्र के लिये प्रयास किया गया था। उसके पश्चात् वे आवाजाही के साधन न होने एवं पहुंचविहीन रास्तों की वजह से पुनः नहीं आ पाये। अब हमने ग्राम पंचायत कड़ेनार के चारों हितग्राहियों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र एक दिवस के भीतर बना कर दिया गया है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया कुछ वर्षों से बहुत सरल कर दी गई है।
चारों को मिली नयी ट्राई साईकिल – सभी चारों हितग्राहियों नंगलुराम सोढ़ी, पोहाडू राम, दन्दूराम नेताम, नीलावती सोढ़ी को समाज कल्याण विभाग द्वारा चलने में सहायता प्रदान करने के लिये ट्रायसाईकिल भी प्रदान की गई। सभी हितग्राहियों द्वारा प्राप्त सहायता के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र बन जाने से अब वे शासकीय योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।

