
बिलासपुर न्यूज धमाका – मल्हार चौरी क्षेत्र के चकरबेड़ा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय बालक सूरज कुमार अंचल की पानी से भरी खदान में डूबने से मौत हो गई। सूरज अपने दोस्तों के साथ नहाने गया था, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह पानी में डूब गया।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, सूरज अपने कुछ साथियों के साथ गांव के पास स्थित एक पुरानी खदान में नहाने गया था। बच्चों को यह अंदाजा नहीं था कि खदान का कुछ हिस्सा अत्यंत गहरा है। नहाते समय सूरज अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने शोर मचाया, जिसे सुनकर कुछ स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।
बचाने की कोशिश नाकाम
स्थानीय लोगों ने सूरज को पानी से बाहर निकाला और तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूरज के माता-पिता बेसुध हैं और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह खदान कई वर्षों से पानी से भरी है, लेकिन कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।
पुलिस जांच में जुटी
मल्हार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है, लेकिन फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
अनदेखे खतरे: जलभराव वाली खदानें बनीं जानलेवा
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पुरानी, खुली और जलभराव वाली खदानों की निगरानी क्यों नहीं होती? अक्सर ये स्थान बच्चों और किशोरों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। प्रशासन से स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी जगहों पर बाड़ाबंदी, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था की जाए।



