

जशपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जिला बदर अपराधी संजीव सिंह राजपूत का बेटा रितेश प्रताप सिंह अपराध के रास्ते पर चलते हुए कानून की गिरफ्त में आ गया। युवती को बहला-फुसलाकर अगवा कर प्रताड़ित करने के मामले में आरोपी को नारायणपुर पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2023 में आरोपी रितेश ने उसे शादी का झांसा देकर अगवा किया था, जिसके बाद वह पहले भी जेल जा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद 17 मई 2025 को आरोपी फिर युवती को बहला-फुसलाकर बादलखोर जंगल ले गया, जहां लकड़ी के टुकड़े से मारपीट, गाली-गलौच, और उसके बाद अपने कुनकुरी स्थित घर में दो दिन तक बंधक बनाकर प्रताड़ित करता रहा।
शारीरिक अत्याचार के गंभीर आरोप
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके गुप्तांगों को सिगरेट से जलाया और दांत से शरीर पर काटने के निशान बनाए। पीड़िता के शरीर पर कई चोट और जलने के निशान मिले हैं। किसी तरह जान बचाकर पीड़िता ने अपनी मां के साथ जशपुर सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।
मुकदमा दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
घटना स्थल नारायणपुर थाना क्षेत्र में होने के कारण केस को संबंधित थाना भेजा गया, जहां बीएनएस की धारा 296, 115(2), 118, 64 व 62 के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी रितेश प्रताप सिंह (उम्र 24) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
परिवार का आपराधिक इतिहास
आरोपी का पिता संजीव सिंह राजपूत थाना कुनकुरी का चर्चित निगरानी बदमाश है, जिसके खिलाफ 34 से अधिक अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिसमें मारपीट, चोरी और गुंडागर्दी जैसे मामले शामिल हैं। प्रशासन द्वारा उसे छह माह के लिए जिला बदर किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की विवेचना में थाना प्रभारी निरीक्षक आर एस पैंकरा, एएसआई राजकुमार कश्यप, प्रधान आरक्षक बेलसाजर तिग्गा, उमेश मिंज व नगर सैनिक बीरेंद्र भगत ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसएसपी का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जशपुर पुलिस गुंडागर्दी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”



