
दुर्ग,न्यूज़ धमाका :-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग जैसी नई समय की तकनीकों में छात्रों का अपग्रेडेशन स्वागत योग्य है। दुनिया तेजी से बदल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि के माध्यम से तकनीकी विकास अनेक क्षेत्रों में हो रहा है।
इन विधाओं में बड़े पैमाने तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत है। ऐसे में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा इन विधाओं में छात्रों को अपग्रेड करने की कोशिश स्वागत योग्य है। यूएवी जैसे प्रयोग जो यूनिवर्सिटी कर रही है उससे प्रदेश को काफी लाभ होगा।
सीएसवीटीयू में आयोजित लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में अपने संबोधन में यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कही।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 100 सीटर छात्रावास का भूमि पूजन तथा 12 करोड़ की लागत से बने विश्वेश्वरैया भवन का लोकार्पण भी किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय का न्यूक्लियस टेक कंपनी से एमओयू भी संपन्ना हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि न्यूक्लियसटेक कंपनी के माध्यम से अगले पांच सालों में एक हजार लोगों को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में रोजगार मिल सकेगा।
इसके अलावा 50 लाख रुपये की लागत से बने लैब के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग जैसी विधाओं में लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि विश्वविद्यालय सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा हुआ है और यहां विश्वविद्यालय ने 42 गांव को गोद लिया हुआ है जहां पर विश्वविद्यालय के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सीएसवीटीयू के कुलपति का कार्यकाल भी एक साल बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 100 सीटर महिला छात्रावास की घोषणा की। साथ ही उन्होंने यूएवी के माध्यम से डीजीपीएस सर्वे के लिए विवि को एजेंसी बनाने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर सीएम ने स्मार्ट क्लास में छात्रों से संवाद और पूर्व कुलपतियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम को गृहमत्री ताम्रध्वज साहू ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, विवि के कुलपति डा. एमके वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।



