
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आयोजित दो दिवसीय बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव 2025 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह आयोजन क्षेत्रीय आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को संजोने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “यह महोत्सव हमारे पूर्वजों की विरासत और संस्कृति को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का जीवंत उदाहरण है।”
पर्यावरण दिवस पर विशेष अपील
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की सराहना करते हुए सभी नागरिकों से अपनी माता के नाम पर एक वृक्ष लगाने की अपील की।
विकास की घोषणाएं:
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विकास योजनाओं की घोषणा करते हुए बताया:
- भानुप्रतापपुर और दुर्गुकोंदल में गोंडवाना समाज भवन निर्माण हेतु 25-25 लाख रुपये।
- गोंडवाना समाज के 12 परगना में शेड निर्माण के लिए 10-10 लाख तथा 5 सर्कल में 5-5 लाख रुपये।
- ग्राम पंचायत संबलपुर में पंचायत भवन निर्माण की घोषणा।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 3 लाख परिवारों को गृह प्रवेश करवा दिया गया है।
युवाओं और महिलाओं के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही महिला और युवा केंद्रित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि:
- महिला सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना
- युवाओं के लिए मावा मोदोल मंथन योजना, जिसके तहत उन्हें रुचिनुसार रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- अटल डिजिटल सेवा केंद्र अब तक 1460 पंचायतों में खोले गए हैं; भविष्य में सभी पंचायतों को इससे जोड़ा जाएगा।
- टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की सांस्कृतिक छटा
गोंडवाना समाज समन्वय समिति के अध्यक्ष हरीश चंद्र कावड़े की अध्यक्षता में कार्यक्रम में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं ने गोंडी लोकनृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवी बना दिया।
इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रमदेव उसेंडी, सावित्री मंडावी और आशाराम नेताम समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


