
मुंगेली न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के मुंगेली ज़िले के लोरमी क्षेत्र अंतर्गत कोसाबाड़ी गांव में तीन महीने पहले हुई 7 वर्षीय मासूम लाली की हत्या की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बच्ची का चचेरा भाई, उसकी भाभी और एक तांत्रिक शामिल हैं।
इस निर्मम घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ पैसे और तंत्र-मंत्र की लालच में एक मासूम की बलि दी गई।
क्या है पूरा मामला?
- 12 अप्रैल 2025 को कोसाबाड़ी की रहने वाली पुष्पा ने पुलिस को शिकायत दी कि उनकी बेटी लाली रात से घर से गायब है।
- बच्ची की उम्र सिर्फ 7 साल थी। परिजन ने अपहरण की आशंका जताई।
- 6 मई को गांव के श्मशान घाट के पास एक खेत में कंकाल के अवशेष मिले। डीएनए टेस्ट में यह पुष्टि हुई कि वह लाली का शव था।
- शव पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की पुष्टि हुई।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
- पुलिस ने 8 टीमें बनाकर सघन जांच शुरू की।
- आरोपियों के नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग के बाद सामने आया कि मासूम लाली की हत्या झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाओं के लिए की गई थी।
- आरोपियों को विश्वास था कि बच्ची की बलि देने से उन्हें अचानक धन की प्राप्ति होगी।
ऐसे हुआ खुलासा
- हत्या के बाद आरोपियों ने लाली के शव को श्मशान के पास खेत में दफना दिया।
- एक ग्रामीण ने आरोपियों को घटना की रात बच्ची को श्मशान की दिशा में ले जाते हुए देखा, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।
- एसपी भोजराम पटेल के अनुसार, यह सुराग और फॉरेंसिक रिपोर्ट मामले के खुलासे में निर्णायक साबित हुए।
गिरफ्तार आरोपी:
- लाली का चचेरा भाई
- उसकी भाभी
- एक तांत्रिक
- दो अन्य सहयोगी
इन सभी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, हत्या, और अंधविश्वास फैलाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
समाज में आक्रोश, शासन से सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा, अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर हो रही आपराधिक गतिविधियों को लेकर सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
लोगों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए ताकि समाज में भय और कानून का सम्मान कायम रहे।
