
बिलासपुर न्यूज धमाका – सरकंडा पुलिस ने फर्जी चेक के जरिए 70 लाख रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में एचडीएफसी बैंक की सरकंडा शाखा की दो महिला कर्मचारी भी शामिल पाई गईं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
ऐसे हुआ खुलासा
मामला तब सामने आया जब एचडीएफसी सरकंडा शाखा के ब्रांच मैनेजर सत्यजीत कुमार ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई। 19 मई 2025 को आरोपी एडवर्ड थॉमस ने 70 लाख रुपए का चेक जमा किया था, जिसे सामान्य जांच के बाद उसके खाते में ट्रांसफर कर दिया गया।
इसके बाद एचडीएफसी बैंक की गुड़गांव शाखा में एस्ट्रोटर्फ सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके खाते से सात फर्जी चेकों के जरिए 1 करोड़ 40 लाख 40 हजार रुपए की निकासी हुई है। जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से 70 लाख रुपए की निकासी सरकंडा शाखा से हुई थी।
पूछताछ में खुला राज
सरकंडा थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पांडेय की टीम ने आरोपी एडवर्ड थॉमस को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि यह चेक उसे रितेश केशरवानी ने दिया था और रकम अलग-अलग माध्यमों से निकाली गई। रितेश से पूछताछ करने पर उसने खुलासा किया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में बैंक की महिला कर्मचारी सोनल खुंटे और आरती यादव शामिल थीं। दोनों ने रकम के लालच में फर्जी चेक पास करने की बात स्वीकार कर ली।
चारों आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने एडवर्ड थॉमस, रितेश केशरवानी, सोनल खुंटे और आरती यादव— इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
