छतीसगढ़बालोद

शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा: 3 आरोपी गिरफ्तार, दो एयरगन और 22 वन्य जीवों के अवशेष बरामद

बालोद न्यूज धमाका – जिले में वन्य प्राणियों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। ढोरीठेमा सहायक वन परिक्षेत्र में गश्त के दौरान वन्य पक्षियों के अवैध शिकार में लिप्त तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से दो एयरगन, छह नाग छर्रे और 22 वन्य जीवों के अवशेष जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई से वन्य प्राणी संरक्षण कानूनों को ठेंगा दिखाने वालों में हड़कंप मच गया है।


शिकारी बने ग्रामीण, शिकार बना जंगल का जीवन

गिरफ्तार आरोपी ग्राम मथेना के निवासी हैं। इनकी पहचान वन विभाग द्वारा फिलहाल गोपनीय रखी गई है। तलाशी के दौरान इनके पास से जिन 22 वन्य जीवों को बरामद किया गया, उनमें शामिल हैं:

  • 15 पड़की पक्षी
  • 3 हारिल
  • 1 बाज (शिकार पक्षी)
  • 2 गिलहरी
  • 1 लावा बटेर

कड़ी कार्रवाई: कोर्ट में पेश, आगे की जांच जारी

वन विभाग ने आरोपियों पर भारतीय वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। मामले में आगे और खुलासे की संभावना है कि यह कोई बड़ा शिकार गिरोह तो नहीं।


वन विभाग की अपील

डौंडी वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया:

“वन्य जीवों का शिकार न सिर्फ अपराध है, बल्कि यह जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा है। ग्रामीणों को इस विषय में जागरूक किया जा रहा है कि वे जंगलों की रक्षा करें, न कि उनका दोहन।”


जाने क्या है कानून?

भारतीय वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत:

  • संरक्षित प्रजातियों के शिकार पर 3 साल से 7 साल तक की सजा हो सकती है।
  • जुर्माने के तौर पर ₹25,000 से ₹50,000 तक की राशि निर्धारित है।
  • बार-बार अपराध करने पर सजा और जुर्माना दोनों दोगुना हो सकता है।

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Chhattisgarh News Dhamaka Team

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