दुर्गक्राइमछत्तीसगढ

ससुर ने बनया बहु को हवस का शिकार , मौका मिलते बार – बार करता था दुष्कर्म

Story Highlights
  • दुर्ग की ADJ कोर्ट ने एक दुष्कर्मी ससुर को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई है। ससुर की नीयत अपनी नव विवाहिता बहू पर खराब थी। वह मौका मिलते ही दुष्कर्म करने पर उतारू हो जाता था। बहू ने इसकी शिकायत अपने पति से की तो उससे भी लड़ने के लिए तैयार हो गया। परेशान होकर दोनों घर छोड़कर चले गए थे। इस पर ससुर माफी मांग कर घर ले आया, लेकिन फिर दुष्कर्म का प्रयास किया। इस पर बहू ने जान देने की भी कोशिश की।

दुर्ग न्यूज़ धमाका /// रानीतराई निवासी ऐ युवक की शादी साल 2018 में हुई थी। बहू के घर आते ही उसके ससुर की गलत नजर अपनी बहू पर थी। मौका मिलने पर 26 फरवरी 2019 की रात को ससुर ने बहू को आवाज देकर अपने कमरे में बुलाया और कंधे में दर्द होने की बात कहते हुए बाम लगाने के लिए कहा। बहू बाम लगाने लगी तो ससुर ने उसे खींच लिया और जबरदस्ती करने लगा। शोर सुनकर दादी सास पहुंची तो बहू को छोड़ा। दादी के समझाने पर बहू ने यह बात अपने पति को नहीं बताई।इसके बाद एक दिन फिर घर के सभी सदस्य किसी काम से बाहर गए थे। इसका फायदा उठाकर अधेड़ घर पहुंचा और बहू के साथ दुष्कर्म किया। घऱ वालों के आने पर बहू ने पूरी बात अपने पति को बताई।

विरोध करने पर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। इस पर पति-पत्नी थाने पहुंचे और शिकायत की, लेकिन पुलिस ने समझाकर लौटा दिया। इसके बाद ससुर को जब भी मौका मिलता वह अपनी बहू से दुष्कर्म करता। घर छोड़कर गए तो माफी मांगकर वापस लाया परेशान होकर पति-पत्नी घर छोड़कर दूसरे गांव चले गए। करीब 5 माह बाद ससुर उनके पास पहुंचा और माफी मांग कर घर ले आया। इसके बाद फिर 12 अगस्त 2019 उसने बहू से छेड़खानी की। दुखी होकर बहू ने मिट्टी तेल पीकर जान देने का प्रयास किया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ठीक होने के बाद बहू ने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मायके वालों के दबाव पर शिकायत दर्ज कराई कई और 16 अगस्त 2019 को उसे गिरफ्तार किया गया था।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!