
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव और जांजगीर-चांपा जिलों में डायल 112 इमरजेंसी सेवा की गाड़ियां थानों में खड़ी कर दी गई हैं। कारण है – वेतन की अनदेखी और आर्थिक तंगी। पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित चालक आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे इमरजेंसी सेवाओं पर सीधा असर पड़ा है।
क्या है मामला?
- दुर्ग जिले में डायल 112 के कुल 119 चालक कार्यरत हैं।
- इन्हें मार्च 2025 से अब तक वेतन नहीं मिला है।
- लगातार कई बार कंपनी और अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला।
गाड़ियां थानों में खड़ी, सेवाएं ठप:
- नाराज चालकों ने सभी गाड़ियों को थानों में खड़ा कर दिया है।
- कोई भी इमरजेंसी कॉल रिस्पॉन्स नहीं हो पा रहा है।
- आम जनता की सुरक्षा से जुड़ी सबसे जरूरी सेवा फिलहाल पूरी तरह से ठप हो गई है।
कर्मचारियों का कहना है:
“हमने कई बार वेतन भुगतान की मांग की लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अब हालात ये हैं कि घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की फीस, किराया और राशन तक के पैसे नहीं हैं।”
आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं चालक:
- अधिकांश चालक निजी ठेकेदार के अंतर्गत कार्यरत हैं।
- न तो कंपनी समय पर वेतन दे रही और न ही सरकार की ओर से नियमन का सख्त पालन हो रहा है।
- बीमा, पीएफ और अन्य सुविधाएं भी अधूरी बताई जा रही हैं।
प्रभाव:
- आपातकालीन स्थिति में पुलिस सहायता मिलने में देरी हो रही है।
- महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता प्रभावित हो रही है।
क्या चाहते हैं चालक?
- तीन माह का बकाया वेतन तत्काल भुगतान हो।
- डायल 112 कर्मचारियों के लिए स्थायी सेवा शर्तें लागू की जाएं।
- ठेकेदार की जगह सरकारी स्तर पर सीधी नियुक्ति हो।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार:
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और ठेकेदार कंपनी इस संकटपूर्ण स्थिति का समाधान कब और कैसे करते हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो यह हड़ताल पूरे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
जनता से अपील:
अभी के लिए नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे इमरजेंसी स्थिति में स्थानीय थाना या कंट्रोल रूम से सीधे संपर्क करें।



