
दिल्ली न्यूज़ धमाका /// नीट-पीजी काउंसलिंग में देरी के विरोध में दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच पश्चिमी दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में मरीजों की पीड़ा को देखते हुए रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की और डॉक्टर बुधवार सुबह से ओपीडी में मौजूद हैं।
मरीजों की सर्जरी भी टाल दी गई। सीनियर डॉक्टरों ने भी कम मरीज देखे। यमुनापार में अभी तक हड़ताल का असर जीटीबी अस्पताल तक ही सीमित था, लेकिन पुलिस कार्रवाई से नाराज डॉक्टरों ने स्वामी दयानंद और चाचा नेहरू अस्पताल में भी काम बंद कर दिया। गीता कॉलोनी स्थित चाचा नेहरू अस्पताल में मुख्य द्वार ही मरीजों के लिए बंद था। जीटीबी में पिछले दस दिनों से डॉक्टर ओपीडी में करीब 40 फीसदी क्षमता के साथ बैठे हैं।
राजधानी दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं, यह स्थिति बुधवार को भी जारी है। इससे पहले मंगलवार को किसी अस्पताल में भर्ती नहीं होने के कारण परिजन ने मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से संबद्ध लोकनायक, जीबी पंत, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल), कस्तूरबा गांधी, हिंदू राव, बलकारम और कलावती सरन और सुचेता कृपलानी अस्पताल के डॉक्टरों ने भी काम नहीं किया। कई मरीजों की सर्जरी भी टाल दी गई। सीनियर डॉक्टरों ने भी कम मरीज देखे। यमुनापार में अभी तक हड़ताल का असर जीटीबी अस्पताल तक ही सीमित था, लेकिन पुलिस कार्रवाई से नाराज डॉक्टरों ने स्वामी दयानंद और चाचा नेहरू अस्पताल में भी काम बंद कर दिया। गीता कॉलोनी स्थित चाचा नेहरू अस्पताल में मुख्य द्वार ही मरीजों के लिए बंद था। जीटीबी में पिछले दस दिनों से डॉक्टर ओपीडी में करीब 40 फीसदी क्षमता के साथ बैठे हैं।




