
कोरबा,न्यूज़ धमाका :-गर्मी में छत्तीसगढ़ में बिजली की मांग रिकार्ड पांच हजार मेगावाट के पार हो गई है। ऐसे में नेशनल थर्मल पावर स्टेशन सीपत व जिंदल की इकाइयों ने धोखा दे दिया। तकनीकी खराबी की वजह से 2120 मेगावाट उत्पादन बंद हो गया।
उधर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के संयंत्र से 210 मेगावाट घट गया। इस तरह देखें तो राज्य के संयंत्रों में 2330 मेगावाट बिजली उत्पादन (13 फीसद) कम हो गया। इसका असर न केवल छत्तीसगढ़ के बिजली आपूर्ति पर पड़ा बल्कि सात राज्यों में भी बिजली संकट की स्थिति निर्मित हो गई।
छत्तीसगढ में छोटी बड़ी 27 बिजली संयंत्रों से 23808 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। इसमें 2960 मेगावाट की भागीदारी छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी की है। बीते वर्ष राज्य में बिजली की मांग अधिकतम 4800 मेगावाट रही, जो इस बार बढ़ कर 5300 तक पहुंच गई। केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं देश भर में इस साल अधिक गर्मी की वजह से बिजली की मांग में 19 फीसद वृद्धि हुई है।
एक तरफ अधिक बिजली की आवश्यकता और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के बिजली संयंत्रों में तकनीकी खराबी ने संकट को और अधिक गहरा कर दिया। एनटीपीसी सीपत की उत्पादन क्षमता 2980 मेगावाट है, पर 660 मेगावाट की दो इकाइयां बंद होने की वजह से एक साथ 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद हो गई। इसमें जनरेटर खराब होने की वजह से एक इकाई बंद हुई, जबकि दूसरी इकाई को वार्षिक रखरखाव के लिए बंद करना पड़ा।
जनरेटर का सुधार कार्य यहां संभव नहीं हो पा रहा, नया जनरेटर विदेश से आना है। इसमें कितना वक्त लगेगा, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में बिजली आपूर्ति सामान्य होने में वक्त लगेगा। रायगढ़ व तमनार के जिंदल संयंत्र की चार इकाइयां बंद होने से 800 मेगावाट उत्पादन कम हो गया है। बाल्को की एक इकाई बंद होने से राज्य को यहां से भी 300 मेगावाट बिजली नहीं मिल रही।
बात छत्तीसगढ़ राज्य कंपनी के संयंत्रों की करें तो हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीपी) से 1340 मेगावाट की जगह 970, मड़वा प्रोजेक्ट से एक हजार की जगह 800 मेगावाट व डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (डीएसपीएम) से 500 की जगह 460 मेगावाट उत्पादन हो रहा। मांग व आपूर्ति में करीब 100 से 150 मेगावाट का अंतर है, इसलिए अघोषित कटौती करनी पड़ रही।
एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक रायपुर एके पांडेय ने बताया कि करीब सात दिन से बंद लारा संयंत्र की 800 मेगावाट की इकाई को रविवार की सुबह नौ बजे प्रारंभ कर लिया गया, इससे बिजली आपूर्ति में कुछ राहत मिलेगी।
इन राज्यों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
एनटीपीसी सीपत, लारा व कोरबा से छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, गोवा, दमन- दीव और दादर- नागर हवेली में बिजली आपूर्ति की जाती है। उत्पादन घटने की वजह से इन राज्यों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसकी वजह से प्रचलित दर से दो गुना दर (11 से 12 रुपये प्रति यूनिट) में बिजली खरीद कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा।

