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अगले 24 घंटे बेहद अहम नेपाल की बाढ़ का भारत में असर: बिहार, यूपी और उत्तराखंड में हाई अलर्ट

26 अगस्त 2026 //

नेपाल न्यूज़ धमाका – नेपाल में भीषण बाढ़ से भारी तबाही के बाद भारत के बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं

नेपाल में आए विनाशकारी सैलाब ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 163 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत के पड़ोसी राज्यों में खतरे की घंटी बज गई है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिहार के 9 और उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है, ताकि नदियों के बढ़ते जलस्तर से किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

शीर्ष नेतृत्व ने संभाला मोर्चा

इस आपदा की भयावहता को देखते हुए देश के शीर्ष नेतृत्व ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। गृह मंत्री शाह ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात कर दोनों राज्यों में नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि और उससे निपटने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने नेपाल की इस त्रासदी को बेहद हृदयविदारक करार देते हुए राज्य सरकारों के एहतियाती कदमों की समीक्षा की।

बिहार के 9 जिलों में हाई अलर्ट और गंडक बैराज के गेट खुले

नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में तेज उछाल की आशंका के मद्देनजर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जिन 9 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सीवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली शामिल हैं।

सबसे ज्यादा चिंता पश्चिम चंपारण को लेकर है, जहां गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए हैं और नदी के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में भी चौकसी सख्त

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नेपाल से सटी या वहां से बहकर आने वाली नदियों के प्रभाव वाले संवेदनशील जिलों में चौकसी बढ़ा दी है। जिन 7 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है, उनमें महाराजगंज, कुशीनगर, पीलीभीत, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष तौर पर महाराजगंज और कुशीनगर के अधिकारियों को गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर पर पैनी नजर रखने और बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

भारत के लिए क्यों खतरनाक है नेपाल का जलप्रलय?

भारत के लिए मुख्य चिंता का कारण नेपाल और भारत के बीच आपस में जुड़ी हुई नदी प्रणाली है। नेपाल की भोटेकोशी नदी त्रिशuli नदी प्रणाली से जुड़ी हुई है, जो देवघाट के पास काली गंडकी से मिलकर नारायणी नदी का निर्माण करती है और यही नदी भारत में प्रवेश करने पर गंडक कहलाती है।

इसका सीधा अर्थ यह है कि नेपाल के ऊपरी इलाकों में पानी का अचानक सैलाब आने पर भारत के मैदानी इलाकों में गंडक नदी के जलस्तर पर सीधा और भारी असर पड़ सकता है। इसी के चलते बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तराखंड में शारदा नदी के पास बढ़ी निगरानी और हेल्पलाइन जारी

उत्तराखंड के चंपावत सीमावर्ती जिले में भी नेपाल की बाढ़ के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देशानुसार टनकपुर पोस्ट को हाई अलर्ट पर रखा गया है और एसडीआरएफ की टीमें शारदा घाट, शारदा बैराज व आसपास के इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं।

इसके अलावा, उत्तराखंड सरकार ने नेपाल में फंसे अपने नागरिकों या उनके चिंतित परिजनों की सहायता के लिए देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के नंबर (0135-2710334, 0135-2710335, 0135-2664314, 0135-2664315, 0135-2664316, 8218867005) और टोल-फ्री नंबर 1070 को सक्रिय कर दिया है।

अगले 24 घंटे क्यों हैं बेहद महत्वपूर्ण

हिमालयी क्षेत्र में आई इस आपदा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वहां की घटनाएं किस तरह भारत के निचले इलाकों को प्रभावित करती हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने बैराज के गेट खोलने, लोगों को सुरक्षित निकालने और वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात करने जैसे कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नेपाल से आ रहे पानी के प्रवाह और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिसे देखते हुए अगले 24 घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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