
कोण्डागांव न्यूज धमाका – नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक कार्यालय में चार कुख्यात इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐलान किया। आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल 22 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली
- लक्ष्मण कोर्राम उर्फ जुन्नू (इनामी 8 लाख)
- मड्डो उर्फ जरीना (पत्नी, इनामी 5 लाख)
- पांडूराम (इनामी 1 लाख)
- सखाराम (इनामी 8 लाख)
ये सभी लंबे समय से कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा और मानपुर मोहला इलाकों में सक्रिय थे और जवानों की हत्या, फायरिंग, लूट, आगजनी, अपहरण और IED ब्लास्ट जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं।
क्यों छोड़ा नक्सलवाद?
सुरक्षा बलों के लगातार दबाव, संगठन के भीतर बढ़ते मतभेद और सुरक्षित पारिवारिक जीवन की चाह ने इन्हें हथियार छोड़ने पर मजबूर किया। शासन की विकास योजनाओं—सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और पुनर्वास नीति—का असर भी बड़ा कारण बताया गया।
पुलिस की पहल और प्रोत्साहन राशि
आत्मसमर्पण कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक वॉय अक्षय कुमार (भा.पु.से.) की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान नक्सलियों को शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। आगे उन्हें अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस मौके पर CRPF 188वीं बटालियन के कमांडेंट भावेश चौधरी, एएसपी रूपेश डांडे, डीएसपी सतीष भार्गव और नक्सल सेल प्रभारी विकासचंद राय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि शासन की नीतियों और सुरक्षा बलों की पहल से भविष्य में और भी नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे।



