
खैरागढ़ न्यूज धमाका – राजनांदगांव जिले के बनबोड गांव में शुक्रवार को तेंदूपत्ता तोड़ने गए एक युवक पर मादा भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन उसने साहस दिखाते हुए पास के पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। युवक का फिलहाल खैरागढ़ सिविल अस्पताल में इलाज जारी है।
घटना सुबह की बताई जा रही है जब 23 वर्षीय जितेंद्र चक्रधारी, जो कि बनबोड गांव का निवासी है, रोज की तरह तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गया था। लौटते समय उसकी मुठभेड़ एक मादा भालू और उसके दो शावकों से हो गई। भालू को सामने देखकर जितेंद्र भागने लगा, लेकिन तब तक भालू ने पीछा कर उसे दबोच लिया और उसके पैर पर गंभीर हमला कर दिया।
पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
हमले से घायल जितेंद्र ने किसी तरह जान बचाने के लिए निकटवर्ती पेड़ पर चढ़ने का प्रयास किया और सफल भी हुआ। शोर सुनकर आसपास मौजूद अन्य तेंदूपत्ता तोड़ने वाले साथी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
घायल युवक को तत्काल मुढ़ीपार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे खैरागढ़ सिविल अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, जितेंद्र की हालत अब स्थिर है और इलाज जारी है।
वन विभाग सतर्क, सुरक्षा की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही खैरागढ़ वन मंडल अधिकारी (DFO) पंकज राजपूत ने मौके का जायजा लिया और पुष्टि की कि यह हमला तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान हुआ है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में पानी और भोजन की तलाश में जंगली जानवर, खासकर भालू, मानव बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। वर्तमान में तेंदूपत्ता संग्रहण का सीजन चल रहा है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिदिन जंगलों में जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से जंगल क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, और तेंदूपत्ता संग्रहकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं फिर दोहराई जा सकती हैं।



