
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक गंभीर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें जीआरपी पुलिस में पदस्थ प्रधान आरक्षक जय वर्मा ने बेरोजगार युवक को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी की। मामले में शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस ने आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा निवासी महेंद्र सिंह मानेसर की मुलाकात वर्ष 2015-16 में प्रधान आरक्षक जय वर्मा से हुई थी। बातचीत के दौरान जय वर्मा ने महेंद्र को विश्वास में लेते हुए कहा कि वह पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क में है और महेंद्र के छोटे भाई भूपेंद्र को आरक्षक की नौकरी दिला सकता है।
भविष्य का सपना, ठगी का जाल
जय वर्मा ने नौकरी लगवाने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की। महेंद्र ने शुरू में इनकार किया, लेकिन लगातार दबाव और सरकारी नौकरी के सपने को देखकर उन्होंने यह रकम जुटाने के लिए अपनी पैतृक जमीन गिरवी रखी और रिश्तेदारों से उधार लिया। 6 सितंबर 2018 को रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र स्थित जागृति नगर में जय वर्मा को 10 लाख रुपये नकद दिए गए।
फिजिकल टेस्ट में फेल, पैसे वापस नहीं
जय वर्मा ने पीड़ित के भाई से भर्ती प्रक्रिया के तहत फॉर्म भरवाया और हर स्तर पर “क्लियर करवा देने” का आश्वासन दिया। लेकिन भूपेंद्र फिजिकल टेस्ट में फेल हो गया। इसके बाद जब पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपी आरक्षक बहाने बनाने लगा। कई सालों तक चक्कर कटवाने के बाद उसने सिर्फ 2 लाख रुपये लौटाए और बाकी रकम देने से इनकार कर दिया।
गिरफ्तारी और पुलिस जांच
पीड़ित की शिकायत पर खमतराई थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के बाद जय वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने न केवल झूठे वादे किए, बल्कि फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया था, जो प्रथम दृष्टया अपराध की पुष्टि करता है।
जनता से अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन होती है। किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं, चाहे वह किसी सरकारी विभाग में कार्यरत ही क्यों न हो।



