
दंतेवाड़ा न्यूज़ – प्रशिक्षु आइएएस व एसडीएम दंतेवाड़ा जयंत नाहटा के विरुद्ध उनके अधीनस्थ पटवारी किशोर दीवान ने कोतवाली थाना में मारपीट करने व कार्यालय के गार्ड से पिटवाने की शिकायत दर्ज कराई है। इधर एसडीएम कार्यालय के गार्ड ने भी पटवारी के विरुद्ध शासकीय कार्यालय में आकर विवाद करने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की शिकायत दर्ज कराई है। एसडीएम और पटवारी के बीच विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। हल्का नंबर चार में दस वर्ष से जमे पटवारी किशोर दीवान के विरुद्ध आय-जाति और भूमि सबंधी मामलों में पैसे की मांग करने। जमीन दलाली में लिप्त होने, मंदिर व धार्मिक कार्यो में हस्तक्षेप करने के साथ भ्रष्टाचार के दर्जनों शिकायत पर तहसीलदार की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी की रिपोर्ट पर एसडीएम व प्रशिक्षु आइएएस जयंत नाहटा ने पटवारी का स्थानांतरण कटेकल्याण कर दिया था।
बताया जाता है कि स्थानांतरण से नाराज पटवारी ने गुरुवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर इस कार्रवाई को अनुचित बताया और विवाद करने लगा। इस पर एसडीएम ने उसे कार्यालय से बाहर निकलवा दिया है। पटवारी दीवान के अनुसार उसका छह माह के भीतर दूसरी बार स्थानांतरण किया गया है।
इसके विरुद्ध अपील करने वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे, पर एसडीएम ने उन्हें चैंबर से जाने के लिए बोला। इसके बाद गार्ड को बुलावा कर पिटाई करवाई और कार्यालय से बाहर निकाल दिया। इस प्रकरण में कार्यालय के गार्ड ने भी पटवारी किशोर दीवान के विरुद्ध कोतवाली थाना में लिखित शिकायत की है, जिसमें पटवारी के विरुद्ध कार्यालय आकर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और विवाद करने के आरोप लगाए हैं।
पटवारी पर नामांतरण के नाम पर ढाई लाख मांगने का आरोप
जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि, पटवारी किशोर दीवान के विरुद्ध कार्य में अनियमितता की शिकायतें है। कतियाररास के उपसरंपच से अभिलेख में नाम अंकित करने के नाम पर ढाई लाख रुपये मांग करने की शिकायत मिली थी। जांच कमेटी ने भी इस मामले की पुष्टि की है। इतने गंभीर आरोप के बाद भी पटवारी को सिर्फ स्थानांतरण किया गया था।
इसके अलावा उस पर सर्व मूल बस्तरिया समाज कल्याण संघ दंतेवाड़ा के नाम पर वाट्सअप ग्रुप बनाकर राजनीतिक संपर्क का उपयोग कर दस वर्ष से एक ही स्थान पर बने रहने के साथ ही जमीन दलाली के कार्यो में लिप्त रहने, मंदिर और धार्मिक कार्यो में हस्तक्षेप करने के आरोप हैं। इन शिकायतों पर तहसीलदार की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन कर शिकायतों की जांच की गई थी। 24 जून 2024 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में इन शिकायतों को सही पाया गया था।
