
दंतेवाड़ा न्यूज धमाका – जिले से एक दर्दनाक नाव हादसे की खबर सामने आई है। भैरमगढ़ ब्लॉक के मगनार पंचायत के अंतर्गत बोधघाट गांव में साप्ताहिक बाजार से लौटते समय ग्रामीणों से भरी लकड़ी की नाव (डोंगी) नदी पार करते वक्त पलट गई। इस हादसे में एक युवक लापता है, जबकि दूसरा चट्टानों के बीच फंसा हुआ है।
बाजार से लौटते समय हुआ हादसा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब ग्रामीण साप्ताहिक हाट से वापस लौट रहे थे। नाव संतुलन खो बैठी और नदी में उलट गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल है। बारसूर थाना क्षेत्र में यह हादसा दर्ज हुआ है।
बाढ़ बचाव दल को तुरंत मौके पर रवाना किया गया है और राहत व बचाव कार्य जारी है।
बारिश बनी मुसीबत: बालोद और कवर्धा जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
दंतेवाड़ा की घटना के साथ ही छत्तीसगढ़ के बालोद और कवर्धा जिलों में लगातार बारिश ने कहर बरपा रखा है। कहीं पुल बह गए हैं, तो कहीं सड़कें दलदल में तब्दील हो चुकी हैं।
बालोद: सेमरिया नाला बना संकट, पुल बहा
बालोद जिले के बोरी गांव में भारी बारिश के चलते सेमरिया नाले पर बना पुल बह गया। इससे पीपरछेड़ी, बोड़की, पसौद जैसे दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। ग्रामीण अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा ले रहे हैं, जिससे लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों की वर्षों से पुल निर्माण की मांग अब तक अनसुनी बनी हुई है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।
कवर्धा: दलदली सड़क ने बढ़ाई परेशानी, ग्रामीण खुद निकाल रहे कीचड़
कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड के सिवनीकला पंचायत में बारिश ने सड़कों को दलदल में बदल दिया है। हालत ऐसी हो गई है कि ग्रामीण खुद फावड़ा-तगारी लेकर सड़क से कीचड़ हटाने में जुटे हैं।
ग्रामीणों का अधिकारियों और नेताओं के प्रति गुस्सा खुलकर सामने आया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो चुका है, जिसमें स्कूली बच्चे पानी व कीचड़ में फंसते नजर आ रहे हैं। इसका गंभीर असर शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
प्रशासन की चुनौती बढ़ी
दंतेवाड़ा के नाव हादसे से लेकर बालोद और कवर्धा की बारिश संबंधी स्थिति ने राज्य प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जहां एक ओर राहत-बचाव पर तेजी से कार्रवाई की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे की खामियों को भी अब अनदेखा नहीं किया जा सकता।
