
रायपुर,न्यूज़ धमाका :-चिटफंड कंपनी देवयानी प्राइवेट लिमिटेड पर हो रही कड़ाई में प्रशासन के समक्ष एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। इस कंपनी ने 20 हजार 655 निवेशकों से लगभग 20 करोड़ रुपये की ठगी की है। यानी, इतने ही निवेशकों को ये पैसे लौटाने है। कंपनी की संपत्ति कुर्की से प्रशासन को केवल चार करोड़ 14 लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे में शेष लगभग साढ़े 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी चिटफंड कंपनी के बैंक खातों और लाकर को सीज करने की तैयारी कर रही है।
बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन द्वारा अभी उनके पास वेब लिंक में आए आवेदनों में बांड पेपर और रसीद की जांच की जा रही है। अभी जांच के दौरान 600 डुप्लीकेट पाए गए है। निवेशकों को राशि लौटाने के संबंध में अगले हफ्ते से प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि देवयानी चिटफंड कंपनी के सदस्य भी अब घेरे में आ सकते है। जिला प्रशासन द्वारा उन पर भी दबाव बनाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही अब देवयानी चिटफंड कंपनी के संचालकों के बैंक खाते व लाकर भी सीज किए जाने की तैयारी है, ताकि और वसूली हो सके।
13 हजार आवेदनों में से सात हजार आवेदन सहीं
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा निवेशकों को राशि लौटाने के लिए बनाए गए वेब लिंक में देवयानी चिटफंड कंपनी के 13 हजार निवेशकों ने आनलाइन रसीद डाली है। इनमें से सात हजार निवेशकों के दस्तावेज पूरी तरह सही पाए गए और 5,900 ऐसे आवेदन है, जिनमें जानकारी कुछ अलग है और रसीद कुछ अलग है। इसके साथ ही 600 आवेदन डुप्लीकेट पाए गए हैं।
अगले हफ्ते से शुरू हो सकती है निवेशकों को राशि लौटाने की प्रक्रिया
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, देवयानी चिटफंड कंपनियों के निवेशकों को अगले सप्ताह से उनकी राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
बताया जा रहा है कि सोमवार को इस संबंध में आदेश भी जारी हो सकता है। अभी जिला प्रशासन के अधिकारी इस प्रक्रिया में जुटे हुए है कि निवेशकों को राशि कैसे लौटाई जाए? इसके लिए जिला प्रशासन ने शासन से सुझाव भी मांगा है।
