
जबलपुर न्यूज़ धमाका // बता दें कि कमजोर वर्ग की लिए आरक्षण संबंधी मामले को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम में सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट सुनवाई के लिए अपील की थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार करते हुए आज की सुनवाई के लिए रख लिया है। केंद्र सरकार ने अपनी दलील में कहा था कि, नीट पीजी दाखिले में आरक्षण संबंधी मामले को लेकर कई दिनों से काउंसलिंग रुकी हुई है, जिसके चलते जगह जगह रेजिडेंट डॉक्टर विनोद रहे हैं लिहाजा सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला करें जिसके बाद जल्द से जल्द नीट पीजी की काउंसलिंग शुरू की जाए।
आपको बता दें कि नीट पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी को लेकर मध्य प्रदेश के साथ देश के तमाम हिस्सों में कई अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ईडब्ल्यूएस आरक्षण के नियम और मापदंड पर केंद्र सरकार के पुनर्विचार के चलते नीट पीजी काउंसलिंग 2021 कैंसिल कर दी गई थी जिसके बाद केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि, वह ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत पारिवारिक आय की मौजूदा सीमा 8 लाख सालाना रखने पर सहमत है।
आपको बता दें कि मामले में चीफ जस्टिस ने कहा है कि मामले की सुनवाई तीन जज कर रहे हैं। हम देखते हैं कि, बुधवार को कौन जज उपलब्ध हैं। हम कोशिश करते के तीन जनों का स्पेशल बेंच गठन करें जो कि बुधवार को सुनाई के बाद इस मामले को सुनेगा। अगर 3 जजों का गठन संभव नहीं हो पाया तो फिर 2 जजों की बेंच में सुनवाई होगी।




